-ग्राम विकास अधिकारी की ओर से दी गई तहरीर पुलिस ने लौटाई
संवाद न्यूज एजेंसी
पाटन। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह समारोह में दाेबारा शादी रचाए जाने के मामले में अब जिम्मेदारों को बचाने की कोशिशें शुरू हो गई हैं। अविवाहित और पात्रता का प्रमाणपत्र देने वाले ग्राम विकास अधिकारी ने सोमवार शाम वर और वधू के खिलाफ थाने में तहरीर दी। थाना प्रभारी ने तहरीर में ग्राम प्रधान व सचिव का नाम न होने पर तहरीर लाैटा दी। उन्होंने एसडीएम के निर्देश के बाद ही तहरीर लेने की बात कही।
ब्लाक बीघापुर में शनिवार काे मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में 39 जाेडे परिणय सूत्र में बंधे थे। जिसमें जिम्मेदारों की मिलीभगत से एक फर्जीवाड़े ने सबकाे चाैंका दिया था। सुमेरपुर ब्लाक के जगतपुर निवासी देवदत्त उर्फ पुत्तन की बेटी रेखा ने बीघापुर ब्लाक के कुंभी निवासी जितेंद्र के साथ पहले से शादीशुदा होने के बावजूद मिलने वाले धन के लालच में दोबारा से शादी कर ली थी।
मामला जब खुला तो समाज कल्याण विभाग हरकत में आया और अविवाहित और पात्रता का प्रमाण पत्र देने वाले जिम्मेदाराें ने सामान वापस लेकर साेमवार काे सिर्फ लाभार्थी के खिलाफ थाने में फर्जीवाड़े की तहरीर दी। बिहार थाना प्रभारी शिवप्रकाश पांडेय ने बताया कि तहरीर में जिम्मेदार ग्राम प्रधान और ग्राम विकास अधिकारी के नाम न होने से एसडीएम से बात कर तहरीर वापस कर दी गई है।
एसडीएम के निर्देश पर मामले में जिम्मेदार दाेषियाें के नाम शामिल होने के बाद ही कार्रवाई करेंगे। सीडीओ प्रेमप्रकाश मीणा ने बताया कि प्रकरण की जांच कराई जा रही है। दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी।