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Unnao News: ठंड शुरू होते ही निमोनिया का खतरा बढ़ा, ओपीडी में पहुंचे 165 बच्चे

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उन्नाव। ठंड शुरू होते ही जिला अस्पताल में निमोनिया जैसे लक्षण वाले बच्चों की संख्या बढ़ गई है।
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डाॅक्टरों के अनुसार कम कपड़े और सर्दी से बचाने में लापरवाही की वजह से बच्चे बीमार हो रहे हैं। मंगलवार को ओपीडी में बाल रोग विशेषज्ञ के पास 165 बच्चे पहुंचे। डॉक्टर ने बच्चों को दवा और उनके परिजनों को ठंड से बचाव, खान-पान ठीक रखने की सलाह दी।
ठंड के मौसम में बच्चों में निमोनिया का जोखिम बढ़ जाता है। यह बैक्टीरियल संक्रमण है, जो फेफड़ो को प्रभावित करता है। डॉक्टरों के अनुसार पांच साल तक के बच्चे काफी जल्दी इसकी चपेट में आ जाते हैं। इस बीमारी में बच्चों को सांस लेने तकलीफ, कंपकंपी लगना और नाखून नीले होने लगते हैं। इसमें शरीर का तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से नीचे गिर जाता है। शरीर में थकान और पानी की कमी होने पर खतरा और बढ़ जाता है। ठंड के दिनों में बच्चों को सर्दी से बचाना जरूरी है।
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मंगलवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में निमोनिया लक्षण वाले 165 बच्चे बाल रोग विशेषज्ञ के पास पहुंचे। डॉक्टरों ने उन्हें देखा दवा दी और उनके परिजनों को ठंड से बचाव की सलाह दी।
बालरोग विशेषज्ञ डॉ.बृजकुमार ने बताया कि निमोनिया से बचाव के लिए सफाई और ताजा खानपान जरूरी है। बताया कि बच्चों की दूध की बोतल को पानी में उबाल कर प्रयोग करें। पूरी बांह के कपड़े पहनाएं। खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों का सेवन न कराएं। मच्छरों से बचाव करें, ताजा भोजन करें, गुनगुना पानी पीएं। डॉक्टर की सलाह के बिना किसी प्रकार की दवा न दें।
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नाखून नीले होना, शरीर में कंपकंपी लगना, शरीर का तापमान गिरना, सूखी खांसी आना, सांस लेने में दिक्कत, धुएं से एलर्जी होना, ऑक्सीजन की मात्रा कम होना आदि।
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