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अमृत योजना : निर्माण एजेंसी को दिसंबर तक काम पूरा करने का दिया नोटिस

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उन्नाव। अमृत योजना (अटल मिशन ऑफ रेजूवेनेशन एंड अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन) से करीब आधे शहर के 16 हजार घरों तक जलापूर्ति शुरू करने का निर्माण एजेंसी का दावा खोखला साबित हुआ है।
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जिन क्षेत्रों में जलापूर्ति का दावा किया है वहां टोटियों से अब तक पानी की बूंद नहीं टपकी। जलनिगम ने एजेंसी को दिसंबर तक काम पूरा करने का नोटिस भेजा है। उधर, नगर पालिका ने जलनिगम को साफ कह दिया है कि योजना को कम से कम चार महीने ट्रायल बेस पर चलाकर जलापूर्ति व्यवस्था सुचारु करें। इसके बाद ही पालिका योजना को अपने हाथ (हैंडओवर) में लेगी।
शहर के 30 हजार घरों तक शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए वर्ष 2018 में केंद्र सरकार ने अमृत योजना में शामिल किया था। 253 करोड़ की इस योजना से हर घर में शुद्ध पानी पहुंचाने का लक्ष्य है। जलनिगम ने पहले चरण में शहर के 30,298 घरों में पानी पहुंचाने का लक्ष्य तय किया है। हालांकि पांच साल में सात बार योजना का काम पूरा करने और जलापूर्ति शुरू करने की समय सीमा तय हो चुकी है, लेकिन अबतक घरों तक पानी नहीं पहुंचा।
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वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट, भूमिगत टैंक, ओवरहेड टैंक व भूमिगत पाइपलाइन और घरों तक कनेक्शन पहुंचाने का काम काम जारी है। निर्माण एजेंसी कभी बजट की कमी तो कभी कोरोना के बहाने समय सीमा बढ़ाती रही। एजेंसी का दावा है कि अकरमपुर, शेखपुर, आदर्श नगर व शिवनगर सहित सात जोन के 16 वार्डों में पानी पहुंचा दिया गया है, लेकिन वहां अभी तक घरों की टोटियों से पानी की बूंद नहीं टपकी।
अब जलनिगम ने निर्माण एजेंसी को दिसंबर 2023 तक हर हाल में काम पूरा करने और शहर के सभी 32 वार्डों के घरों में पानी पहुंचाने का नोटिस दिया है।
सांसद साक्षी महाराज ने बताया कि पिछली दिशा की बैठक में जल निगम के अधिशासी अभियंता ने बताया था कि 16 हजार घरों में जलापूर्ति शुरू हो गई है, लेकिन जब उनसे उन मोहल्लों की सूची मांगी गई तो नहीं दे सके थे।
बताया कि जल निगम को स्पष्ट कह दिया गया है कि वह दिसंबर तक काम पूरा कराएं और शहर के हर घर तक शुद्ध जलापूर्ति सुनिश्चित कराएं। सांसद ने बताया कि अगर इस बार तय समय में काम पूरा नहीं हुआ तो सख्त कदम उठाए जाएंगे।
नगर पालिका जलकल अभियंता विवेक वर्मा ने बताया कि शहर में अभी तक कहीं भी अमृत योजना से जलापूर्ति शुरू नहीं हुई है, जल निगम केवल टेस्टिंग कर रहा है। उन्होंने बताया कि शहर में नगर पालिका के 24 ट्यूबवेल हैं और अभी भी उन्हीं के माध्यम से जलापूर्ति की जा रही है। बताया कि टेस्टिंग करके जलनिगम पानी पहुंचाने का दवा कर देता है।


जलनिगम सहायक अभियंता अमित कुमार ने बताया कि सात जोन के 14 वार्डों में 16 हजार घरों तक पानी पहुंचा दिया गया है। अलग-अलग समय में जलापूर्ति भी की जाती है। बताया कि भूमिगत पाइपलाइनों में लीकेज या टूटफूट होने पर उसकी मरम्मत कराई जा रही है। दावा किया कि केवल चार जोन की टेस्टिंग बची है जो तेजी से पूरी कराई जा रही है।
नगर पालिका अध्यक्ष श्वेता मिश्रा ने बताया कि अमृत योजना से अभी शहर में किसी भी वार्ड में जलापूर्ति शुरू नहीं हुई है। पालिका के सभी ट्यूबवेल से ही जलापूर्ति की जा रही है। बताया कि अमृत योजना की भूमिगत पाइपलाइनों में इतनी ज्यादा लीकेज और पंप में गड़बड़ी व टूटफूट हो रही है कि जल निगम के अधिकारियों को साफ कह दिया गया है कि काम पूरा होने के बाद भी कम से कम चार महीने जलनिगम द्वारा ही ट्रायल पर चलाया जाए, इसके बाद ही पालिका अपने हाथ में लेगी।

वर्ष 2018 में अमृत योजना को शहर में शामिल किया गया था। 253 करोड़ की इस योजना की दिसंबर 2018 में शुरुआत हुई और जून 2020 तक पूरा करना था, लेकिन अधिकारी कोरोना और कभी बजट का रोना रोते रहे। इस दौरान जलनिगम ने निर्माण एजेंसी को 33 नोटिस दिए और हर बार काम पूरा करने की नई डेटलाइन तय की। मार्च 2021, नवंबर 2021, जुलाई 2022, जनवरी 2023, मार्च 2023 और अगस्त 2023 की समय सीमा तय की गई लेकिन शहर में शुद्ध पेयजल की आपूर्ति शुरू नहीं हो पाई। लेट-लतीफी पर जलनिगम ने जून 2023 में एक करोड़ रुपये जुर्माना भी लगाया था। अब दिसंबर 2023 की अंतिम समय सीमा तय की गई है।
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