उन्नाव। घटिया काम और देरी के कारण अमृत योजना की निर्माण एजेंसी पर जलनिगम के अधीक्षण अभियंता (एसई) ने 5.90 करोड़ का जुर्माना लगाया है। छह साल में दसवीं बार समय सीमा बढ़ाते हुए 31 अक्तूबर तक काम पूरा करने के लिए अल्टीमेटम दिया है।
अमृत योजना से शुद्ध पेयजल के लिए छह साल से शहरवासी इंतजार कर रहे हैं। शहर के 30,298 घरों तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने के लिए वर्ष 2018 में केंद्र सरकार ने शहर को अमृत (अटल मिशन आफ रेजूवेनेशन एंड अर्बन ट्रांसफोर्मेशन) योजना में शामिल किया था। दो फेज के काम में कुल 264 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। छह साल में नौ बार समय सीमा बढ़ाने के बाद भी आगरा की निर्माण एजेंसी ओपी गुप्ता कांट्रेक्टर्स काम पूरा नहीं कर पाई है।
जलनिगम की रिपोर्ट के मुताबिक, अभी तक 12 में से केवल सात जोन में जलापूर्ति की टेस्टिंग का काम पूरा किया गया है। पांच जोन में काम अधूरे होने के कारण टेस्टिंग बाकी है। गंगा बैराज के पास स्थित इंटेकवेल से 10 किलोमीटर दूर स्थित वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट तक पानी पहुंचाने के बाद 14 भूमिगत टैंक और 14 ओवरहेड टैंक के जरिए पाइप लाइनों से घरों तक पानी पहुंचाने के लिए टेस्टिंग जारी है।
लेट-लतीफी पर एक्सईएन की रिपोर्ट पर जलनिगम के अधीक्षण अभियंता शमीम अख्तर ने टैंकों से घरों तक पानी पहुंचाने का काम कर रही आगरा की फर्म पर 5.90 करोड़ रुपये जुर्माना लगाते हुए दो महीने में काम पूरा करने की चेतावनी दी है।
पानी का प्रेशर नहीं झेल पा रहीं भूमिगत पाइप लाइनें
जलनिगम की रिपोर्ट के मुताबिक, निर्माण एजेंसी ने भूमिगत पाइप लाइन बिछाने में काफी अनियमितता बरती है। कहीं पाइप ठीक नहीं है तो कहीं ज्वाइंट ढीले छोड़ दिए हैं। लीकेज रोकने के लिए लगाई जाने वाली रबर रिंग पानी का दबाव नहीं झेल पा रही हैं और फट जाती हैं। हालत यह है कि टेस्टिंग के लिए जलापूर्ति चालू करते ही रोज 10 से 15 जगह लीकेज हो जाता है। इससे हजारों लीटर पानी की भी बर्बादी हो रही है।
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पहले भी दो बार लगा जुर्माना
बार-बार समय सीमा बढ़ाने के बाद भी काम पूरा न करने और खोदी गई सड़कों की मरम्मत न कर झूठी रिपोर्ट देने में जलनिगम ने आगरा की इस एजेंसी पर पहले भी दो बार जुर्माना लगाया है। जलनिगम ने जून 2023 में एक करोड़ रुपये और 21 नवंबर 2023 को 5.5 करोड़ रुपये जुर्माना लगाया जा चुका है।
ऐसे बढ़ी समय सीमा
वर्ष 2018 में अमृत योजना में शहर को शामिल किया गया था। 253 करोड़ की इस योजना की दिसंबर-2018 में शुरुआत हुई और जून-2020 तक इसे पूरा करना था। लेकिन अधिकारी कोरोना और कभी बजट का रोना रोते रहे। इस दौरान जलनिगम ने निर्माण एजेंसी को 35 नोटिस दिए और हर बार काम पूरा करने की नई डेटलाइन तय होती रही। मार्च 2021, नवंबर 2021, जुलाई 2022, जनवरी 2023, मार्च 2023, अगस्त 2023, 31 दिसंबर 2023. 31 मार्च 2024 और फिर अगस्त 2024 तक काम पूरा करने की समय सीमा तय की गई। लेकिन काम पूरा नहीं हो सका है।
एबी नगर में 10 दिन में चौथी बार फटी पाइप लाइन
गुरुवार दोपहर फिर हुआ लीकेज, 20,00 लोग परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी
उन्नाव। वाटर लाइन की टेस्टिंग के दौरान भूमिगत पाइप लाइनें किस तरह फट रही हैं इसका प्रमाण एबी नगर में देखने को मिल रहा है। यहां 10 दिन में चौथी बार पाइप लाइन फटी है। रास्ता जलमग्न होने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई लोग गिरकर चुटहिल हुए।
गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे डीएसएन कॉलेज के पास पाइप लाइन से पानी का रिसाव शुरू हो गया। पूरी सड़क पर घुटनों तक पानी भर गया। जलभराव होने से सड़क के गड्ढे नजर न आने से कई दो पहिया वाहन सवार गिरकर चुटहिल भी हुए। डीएसएन कॉलेज की तरफ जा रही दो युवतियों की स्कूटी गहरे गड्ढे में फंस गए। गनीमत रही कि लोगों ने मदद कर दोनों को पानी में गिरने से बचा लिया। क्षेत्र के शिवबरन सिंह, तुषार,राजीव अवस्थी, दीपक कुमार, शमीम आदि ने बताया कि पाइप लाइन अक्सर फट जाती है और जलभराव होने से लोगों का आना-जाना मुश्किल रहता है।
वार्ड के सभासद मनीष कुमार ने बताया कि समस्या लगातार बनी हुई है। गुरुवार दोपहर को फिर लीकेज हो गया। जलनिगम के अधिकारियों को फोन करके जलापूर्ति बंद कराई। इसके एक घंटे बाद पानी का तेज बहाव रुका। जलनिगम के एक्सईएन पंकज रंजन झा ने बताया कि काम करा रही एजेंसी को जल्द से जल्द टेस्टिंग पूरी कर भूमिगत पाइप लाइनें ठीक करने के निर्देश दिए गए हैं।