उन्नाव। राशन कार्डाें में दर्ज सभी सदस्यों (यूनिट) का ई-केवाईसी अनिवार्य कर दिया गया है। इसके लिए सदस्यों को नजदीक की कोटे की दुकान पर जाना होगा। वहां पर बायोमेट्रिक सत्यापन कराना होगा। इसकी अंतिम तारीख 30 जून है।
जनपद में कुल राशनकार्ड 6.03 लाख हैं। इसमें 1.44 लाख अंत्योदय और शेष पात्र गृहस्थी कार्डधारक हैं। इन कार्डों में करीब 23.75 लाख यूनिट दर्ज हैं। हालांकि यूनिटों में किसी की शादी हो चुकी है तो किसी की मृत्यु। इसके बाद भी सदस्यों में किसी एक के अंगूठे निशान से राशन दिया जा रहा है। ऐसे ही मामलों को हटाने के लिए शासन ने ई-केवाईसी अनिवार्य कर दिया है।
ई-केवाईसी के लिए इसी माह अभियान शुरू किया गया है। इसके तहत राशनकार्ड लाभार्थियों की ई-केवाईसी का कार्य ई-पॉश के माध्यम से उचित दर विक्रेताओं के सहयोग से निशुल्क कराया जाएगा। लाभार्थी अपनी नजदीक की किसी भी उचित दर दुकान पर जाकर ई-केवाईसी करा सकेंगे। ई-केवाईसी के दौरान लाभार्थियों का बायोमैट्रिक सत्यापन किया जाएगा।
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मोबाइल नंबर भी जोड़ने की मिलेगी सुविधा
ई-केवाईसी के साथ राशनकार्ड से मोबाइल नंबर भी जोड़े जाने की सुविधा उपलब्ध रहेगी। इसका उपयोग राशनकार्ड मुखिया द्वारा करते हुए मोबाइल नंबर फीड या संशोधित किया जा सकेगा। भविष्य में इस मोबाइल नंबर पर प्राप्त होने वाले राशन की जानकारी एसएमएस के माध्यम से मिलेगी। इसके अलावा यदि किसी राशनकार्ड में मुखिया से परिवार के लोगों का संबंध गलत अंकित है तो तो उसे भी सुधारा जा सकेगा। इस संशोधन का अधिकार भी केवल राशनकार्ड के मुखिया को होगा।
कोट
सभी राशनकार्ड सदस्यों को ई-केवाईसी कराना होगा। इसके लिए 30 जून की तारीख तय की गई है। कोटेदारों को इससे संबंधित प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जो सदस्य बाहर रह रहे हैं वह प्रदेश की किसी भी दुकान में जाकर ई-केवाईसी करा सकते हैं।
- राज बहादुर सिंह, डीएसओ।