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Umesh Pal Case: जेल में आता था अशरफ की बिल्ली का चारा और उसके लिए पान-बीड़ी, यहां होती गद्दी बिरादरी की पंचायत

Fri, 17 Mar 2023 10:02 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

अशरफ से गैरकानूनी तरीके से लोगों को मिलवाने वाले आरक्षी शिवहरि अवस्थी ने अपने बयान में कहा कि उसे मुलाकात कराने के लिए कभी-कभी 100-200 रुपये मिल जाते थे। वहीं जेल अधिकारियों को मिलने वाले गिफ्ट की उसे कोई जानकारी नहीं थी। 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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माफिया अतीक अहमद के भाई अशरफ की हर सुविधा का बरेली जेल में ध्यान रखा जाता था। अतीक को कुत्ते तो अशरफ को बिल्ली पालने का शौक था। जेल में उसकी बिल्ली के लिए खासतौर पर चारा आता था। उसका पान खाने का शौक भी जेल में बरकरार रहा। 
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बरेली जेल में अशरफ से होने वाली गैरकानूनी मुलाकातों के दौरान गद्दी बिरादरी की पंचायत भी होती थी। ये सारी बातें जेल अफसरों और कर्मचारियों की जानकारी में थी। हालांकि जेल में मोबाइल इस्तेमाल होने के सवाल पर सब साफ मुकर गए।

अशरफ से गैरकानूनी तरीके से लोगों को मिलवाने वाले आरक्षी शिवहरि अवस्थी ने अपने बयान में कहा कि उसे मुलाकात कराने के लिए कभी-कभी 100-200 रुपये मिल जाते थे। वहीं जेल अधिकारियों को मिलने वाले गिफ्ट की उसे कोई जानकारी नहीं थी। 
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जेल में सब्जियों की आपूर्ति करने वाले दयाराम ने कबूला कि उसे अशरफ का साला सद्दाम बीसलपुर मोड़ पर सामान देता था, जिसे वह जेल के भीतर पहुंचा देता था। इसमें बिल्ली का चारा, कपड़े, नमकीन, बिस्कुट, बीड़ी, पान आदि रहता था। वहीं दयाराम से सामान लेकर अशरफ तक पहुंचाने वाले सिद्धदोष बंदी लालाराम ने कबूला कि सामान पहुंचाने के एवज में अशरफ उसे कभी-कभार बीड़ी आदि दे देता था।

मुलाकात के बाद आईडी नष्ट कर देता था
डिप्टी जेलर दुर्गेश प्रताप सिंह ने डीआईजी की जांच के दौरान बयान दिया कि आरक्षी शिवहरि नशेड़ी प्रवृत्ति का था। अशरफ से मुलाकात के लिए आने वालों की आईडी को वह बाद में नष्ट कर देता था। वहीं आरक्षी मनोज गौड़ बिना आईडी के अशरफ से मुलाकात कराता था। 

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उसकी इन हरकतों की वजह से ड्यूटी प्रवेश द्वार से हटाकर मुलाकातियों की लाइन लगवाने में लगा दी गयी। वहां भी शिवहरि अपनी हरकतों से बाज नहीं आया और अशरफ से मिलने आने वालों को चुपके से लाइन के बीच में लगाकर अंदर भेजने लगा।

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अब कड़ी सुरक्षा में अतीक का कुनबा
उमेश पाल की हत्या के बाद अतीक और उसके कुनबे के सदस्यों पर जेल में कड़ी निगरानी हो रही है। बताया गया है कि गुजरात की साबरमती जेल में अतीक पर सख्ती बढ़ा दी गयी है। वहीं बरेली जेल में अशरफ, लखनऊ जेल में अतीक के बेटे उमर और नैनी जेल में अली चौबीस घंटे सीसीटीवी की निगरानी में हैं। उनसे मुलाकात पर भी पाबंदी लगी है।

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