सुल्तानपुर। घर की फ्रिज, कूलर, बिजली खराब हो या फिर मकान की मरम्मत, प्लास्टर व निर्माण कराना हो। किसी को ऐसे कार्य के लिए कुशल व अकुशल कामगारों को दौड़भाग करके खोजने की जरूरत नहीं होगी। जल्द ही घर से फोन मिलाते ही ऐसे कामगार काम करने पहुंच जाएंगे। सिर्फ उनका वाजिब मेहनताना भुगतान करना होगा।
कुशल व अकुशल कामगारों को खोजने में आ रही दिक्कत को देखते हुए शासन की ओर से ऐसी व्यवस्था शुरू कर दी गई है। शासन के निर्देश पर सेवायोजन विभाग ने घर-घर विभिन्न कार्य कराने वाली फर्मों का पंजीकरण करना शुरू कर दिया है। सेवायोजन विभाग ने इसके लिए सेवा मित्र एप संचालित किया है। इसी एप पर घर-घर विभिन्न कार्यों की सेवा देने की इच्छुक फर्मों को अपना पंजीकरण कराना होगा।
पंजीकरण के समय सेवा प्रदाता (फर्मों) को अपने कुशल व अकुशल कामगारों (सेवा मित्र) का मोबाइल नंबर समेत अन्य विवरण डालना होगा। सेवा प्रदाता एप पर कुशल व अकुशल कामगारों का मोबाइल नंबर पड़ते ही लोग उस पोर्टल को खोलकर अपनी जरूरत के हिसाब से कामगारों का चयन कर लेंगे। इसके बाद सेवा प्रदाता को फोन करके कुशल व अकुशल कामगारों को अपने घर कार्य करने के लिए बुला लेंगे।
सेवा मित्र की मजदूरी का भुगतान सेवा प्रदाता के बैंक खाते में करना होगा। काम करने के बाद सेवा मित्र को सेवा प्रदाता भुगतान कर देगी। शासन के निर्देश पर जिले में व्यवस्था चालू करने के लिए सेवायोजन विभाग ने सेवा प्रदाता (फर्मों) का पंजीकरण शुरू कर दिया है। अभी तक जिले में सेवायोजन के पोर्टल पर विभिन्न सेवाएं देने वाली 20 फर्मों ने पंजीकरण कराया है।
फर्मों को खुलवाना होगा अलग बैंक खाता
जिला सेवायोजन अधिकारी संदीप कुमार ने बताया कि घरेलू समेत अन्य कार्य की सेवा देने के लिए फर्मों का पंजीकरण कराया जा रहा है। पंजीकरण कराने वाली सेवा प्रदाता (फर्मों) को इसका अलग बैंक खाता खुलवाना होगा। फर्म के इस खाते में कम से कम 500 रुपये होना आवश्यक है।