सुल्तानपुर। दो दिन से चल रहीं तेज पछुआ हवा से सर्दी लौट आई है। लोगों ने गर्म कपड़े निकाल लिए हैं। दिन में तेज धूप से थोड़ी राहत है लेकिन रात में सर्दी कंपा रही है। हवाओं का असर खेती पर भी पड़ रहा है। गेहूं के साथ अन्य फसलों पर इसका प्रभाव पड़ रहा है।
शनिवार रात से शुरू हुईं तेज पछुआ हवा सोमवार को भी जारी रहीं। इससे सर्दी एक बार फिर लौट आई है। इससे लोगों ने गर्म कपड़े फिर निकाल लिए हैं। तेज हवा के रुख को देख किसान सांसत में आ गए हैं। इसका प्रभाव फसलों पर पड़ने लगा है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अभी तेज पछुआ हवा चलेगी। किसानों का मानना है कि तेज पछुआ जारी रही तो गेहूं के खेत की नमी गायब हो जाएगी। तेज हवा के बीच सिंचाई करने पर फसल गिर सकती है। गेहूं की फसल गिरने से भी दाने कमजोर पड़ जाएंगे। गेहूं की जिन फसलों की सिंचाई चल रही है, वे गिर जा रही हैं।
तेज हवा से मटर, चना, मसूर व सरसों की फसलें समय से पहले सूख जाएंगी। इसका असर दानों पर पड़ेगा। आमतौर पर ऐसी हवा होली के आसपास चलती है। तब ये हवा फसलों के पकने में मददगार होती है। आचार्य नरेंद्रेव कृषि विश्वविद्यालय के मौसम पर्यवेक्षक डॉ. अमरनाथ मिश्र ने बताया कि तेज दक्षिणी-पछुआ हवाएं चलने से अधिकतम तापमान 22.5 डिग्री सेल्सियस पर आ गया है। यह सामान्य से करीब 2.5 डिग्री सेल्सियस कम है। न्यूनतम तापमान 8.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है। दक्षिणी-पछुआ हवा की गति 5.3 किमी प्रति घंटा दर्ज की गई है। तेज पछुआ हवाएं चलने का अनुमान है।
पछुआ और चली तो घट जाएगा उत्पादन
कृषि वैज्ञानिक डॉ. सीके त्रिपाठी ने बताया कि इस मौसम में तेज पछुआ खासकर गेहूं की फसलों के लिए नुकसानदायक है। कुछ दिन और पछुआ हवा चली तो गेहूं के दाने पतले हो जाएंगे। नमी सूखने पर सिंचाई करना भी नुकसानदायक साबित हो सकता है। गेहूं के गिरने से उत्पादन घट जाएगा।