भदैंया (सुल्तानपुर)। तीर्थ वंदना के उद्देश्य से जैन साध्वियों का एक समूह बुधवार को विंध्य अहिंसा पदयात्रा करते हुए कामतागंज बाजार पहुंचा। बाराबंकी से आए जैन समुदाय के लोगों ने पदयात्रा का स्वागत कर वंदना की। साध्वियों के समूह ने यहीं पर रात्रि विश्राम किया।
जैन धर्म की परम पूज्या संस्कार दर्शिका आर्यिका गुरु मां 105 विंध्य श्रीमाता की अगुवाई में छह साध्वियों का समूह पदयात्रा कर रहा है। कटिहार से 15 अप्रैल को जैन साध्वियों ने पदयात्रा शुरू की है जो चंपापुर, पावापुर, राजग्रेही, पंचपहाड़ी, कुंदलपुर, वाराणसी, सारनाथ व चंद्रावती से होकर बुधवार को पन्नाटिकरी कामतागंज पहुंचीं।
पन्नाटिकरी में सुल्तानपुर और बाराबंकी से आए जैन धर्म के अनुयायियों ने पदयात्रा का स्वागत कर श्रीफल चढ़ाया। यात्रा पन्नाटिकरी के दयाकांत दुबे के घर पर रुकी है जहां साध्वी रात्रि विश्राम करेंगी। जैन साध्वी विंध्य श्रीमाता ने बताया कि इस यात्रा का उद्देश्य तीर्थ वंदना है जिससे धर्म व संस्कृति का प्रसार हो।
साध्वी माता के अनुसार 20 जुलाई से दीपावली तक चतुष्मास रहेगा। इससे पहले तक यह पदयात्रा जारी रहेगी। आगे यह यात्रा बाराबंकी में रुकेगी जहां के अनुयायी चतुष्मास में यात्रा रुकने का निवेदन कर रहे हैं। यात्रा में विंध्य श्रीमाता के साथ विद्वत श्रीमाता, सुनंदन श्रीमाता, सुवंदन श्रीमाता, सुपर्व श्रीमाता व सुचंदन श्रीमाता शामिल हैं। स्वागत करने वालों में दीपक जैन, राजू जैन, प्रदीप झांझरी, दीपचंद्र जैन, महावीर प्रसाद, निर्मल जैन, हरीश जैन, पवन जैन व तेज कुमार जैन शामल रहे।