धनपतगंज (सुल्तानपुर)। गोमती नदी के जलस्तर में मामूली बढ़ोतरी के बीच रविवार की रात पास से गुजरी नहर का फाटक खोले जाने से गयादत्त का पुरवा गांव में पानी घुस गया। दरवाजे तक पानी घुसते ही गांव में हाहाकार मच गया। सूचना पर पहुंची यूपी 112 टीम ने फाटक को बंद करवाकर नदी में पानी गिरना बंद करवाया। फिलहाल गांव में पानी घुसने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है।
गोमती नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी से सप्ताह भर से तराई क्षेत्र के करीब आधा दर्जन गांवों के लोग जूझ रहे हैं। सोमवार को नदी का जलस्तर .060 मिलीमीटर की बढ़ोतरी के साथ 83.390 मिलीमीटर पर पहुंच गया है।
नदी का जलस्तर तकरीबन ठहरने के कगार पर होने से ग्रामीण राहत की उम्मीद कर रहे थे। लेकिन इस बीच तराई क्षेत्र से गुजरी शारदा सहायक नहर के ओवरफ्लो होने से रविवार रात लोकेपुर के पास किसी ने फाटक खोल दिया। फाटक खुलते ही नहर का पानी तेज गति से तराई क्षेत्र में भरे पानी में गिरने लगा। इससे गयादत्त का पुरवा गांव में पानी घुस गया।
रात में लोगों के दरवाजे तक पानी पहुंचने से हलचल मच गई। ग्रामीणों ने जलभराव की सूचना तुरंत यूपी 112 को दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने लोगों की मदद से नहर के फाटक को बंद करवाया। इसके बाद लोगों को राहत मिल सकी। फिलहाल गांव में पानी भरने से लोगों की समस्याएं बढ़ गई हैं।
बाढ़ से सैकड़ों बीघा की फसल व नौगवां-मायंग मार्ग समेत कई संपर्क मार्ग डूबे हैं। इस वजह से ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी उठानी पड़ रही है। गांव निवासी हरिश्चंद्र, राम अकबाल, सजीवन व राममणि ने बताया कि गांव तो पहले ही पानी से घिरा है। नहर के पानी से दरवाजे से गांव के बाहर जाना मुश्किल हो गया है। फसलें पानी में डूबने से अगली पूंजी नहीं बची है।