सुल्तानपुर। एमसीएच विंग की मरम्मत में अभी तक करीब 40 लाख रुपये खर्च हो चुके हैं। इसके बाद भी चौथे तल की छत से पानी टपक रहा है। इंजीनियरों की टीम रिसाव का पता लगाने का प्रयास कर रही है। हालांकि अभी इसका पता नहीं लग सका है। छत से पानी टपकने से मरीजों को परेशानी हो रही है। मेडिकल कॉलेज प्रशासन का मानना है कि ज्यादा बारिश के चलते पानी टपकने की समस्या आ रही है।
सीसीयू (क्रिटिकल केयर यूनिट) के लिए महिला अस्पताल की बिल्डिंग तोड़ने का कार्य चल रहा है। मेडिकल संसाधनों व मरीजों को 100 बेड के एमसीएच विंग (मातृ एवं शिशु रक्षा इकाई) में शिफ्ट किया गया है। महिला अस्पताल के सी-ब्लाॅक के दो मंजिला 47 बेड वार्ड को एमसीएच विंग के दूसरे तल पर शिफ्ट किया गया है। 35 बेड वाले इमरजेंसी वार्ड को तीसरे और सी-ब्लाॅक में चल रहे एमएनसीयू (नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई) को विंग के चौथे तल पर स्थापित किया गया है। पांचवें तल पर सीएमएस महिला का कार्यालय है।
महिला अस्पताल को शिफ्ट करने से पहले एमसीएच विंग की मरम्मत करवाई गई। करीब डेढ़ वर्षों से मरम्मत चल रही है। अभी भी सीवर समेत अन्य कार्य चल रहे हैं। करीब 40 लाख रुपये खर्च किए जा चुके हैं। भवन के अंदर मरम्मत का कार्य पूरा होने के बाद मरीजों व मेडिकल संसाधनों को शिफ्ट कर दिया गया।
पाइप चोक होने से आया होगा पानी
छत का पानी निकलने के लिए जो पाइप लगाई गई है। उसके चोक होने से पानी के रिसाव होने की संभावना जताई जा रही है। इंजीनियरों की टीम बिल्डिंग का मुआयना कर चुकी है। अभी पानी नहीं आ रहा है।
-डॉ. सलिल श्रीवास्तव, प्रधानाचार्य स्वशाषी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय सुल्तानपुर