सुल्तानपुर। रेलवे की एनओसी के अभाव में शहर की करीब 40 हजार की आबादी की निर्बाध बिजली आपूर्ति की योजना फंस गई है। रेलवे से इजाजत न मिलने से अभी तक एचटी लाइन का अंडरग्राउंड केबल बिछाने का काम शुरू नहीं हो सका है। नतीजतन पांच मोहल्लो के लोग गर्मी बढ़ते ही लोवोल्टेज व कटौती की चपेट में आ गए हैं।
शहर के पश्चिमी छोर पर स्थित करौंदिया, पुलिस लाइन, निरालानगर व विवेकनगर समेत अन्य मोहल्लों को निर्बाध बिजली आपूर्ति देने के लिए पावर कॉर्पोरेशन ने पुलिस लाइन क्षेत्र में एक उपकेंद्र की मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही पहले से ही डाकखाना उपकेंद्र से संचालित पुलिस लाइन फीडर का बंटवारा कर एक और फीडर लगाने की सहमति भी दे दी है।
पावर कार्पोरेशन के अधिकारियों के मुताबिक एक और फीडर लग जाने से शहर के पश्चिमी मोहल्लों को आबादी के हिसाब से निर्बाध आपूर्ति मिल सकेगी लेकिन इसकी राह में रेलवे से मिलने वाली एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) रोड़ा बन गया है।
विद्युत वितरण खंड एक की ओर से ऑनलाइन आवेदन करके रेलवे लाइन के नीचे भूमिगत केबल डालने की इजाजत मांगी जा चुकी है। करीब पखवाड़े भर पहले भेजे गए पत्र पर अभी तक रेलवे से इजाजत न मिलने से पुलिस लाइन का फीडर अलग करने की योजना पर ग्रहण लग गया है।
डाकखाना उपकेंद्र के अवर अभियंता डीएन प्रसाद ने बताया कि रेलवे लाइन के नीचे से कई वर्ष पूर्व सिर्फ एक केबल डाला गया है। केबल खराब होने पर ज्यादा दिक्कत आती है।
एनओसी मिलने के बाद हो सकेगा काम
रेलवे की एनओसी मिलने के बाद ही काम कराया जा सकेगा। डाकखाना उपकेंद्र से रेलवे लाइन के नीचे बढ़ैयावीर मोहल्ले के पास से 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन डाली जानी है। अंडरग्राउंड केबल पड़ने के बाद ही फीडर अलग किया जा सकेगा। अभी फिलहाल पूर्व की तरह काम चलाया जा रहा है।
-पवन कुमार, अधिशाषी अभियंता, विद्युत वितरण निगम प्रथम खंड