धनपतगंज (सुल्तानपुर)। पूर्व विधायक चंद्रभद्र सिंह सोनू की प्रतिष्ठा का सवाल बने मायंग ग्राम प्रधान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव भारी बहुमत से पास हो गया। मतगणना में अविश्वास के पक्ष में 1379 तथा विपक्ष में 188 मत पड़े। वहीं सात मत अवैध घोषित किए गए। यह अविश्वास सीधे-सीधे एक भाजपा विधायक और पूर्व विधायक सोनू सिंह के बीच शक्ति परीक्षण के रूप में देखा जा रहा था जिसमें साेेनू सिंह ने अपना वर्चस्व साबित किया।
मायंग गांव में अविश्वास प्रस्ताव पर 22 नवंबर को गांव स्थित पंचायत भवन में मतदान कराया गया था। कुल 5145 मतदाताओं में से 1575 ने मतदान किया था जिसकी मतगणना शुक्रवार सुबह शुरू कराई गई। अविश्वास के समर्थन में 1379 मत पड़े जबकि अविश्वास के विरुद्ध 188 मत पड़े। वहीं सात मत अवैध पाए गए।
चुनाव पर्यवेक्षक कादीपुर के एडीओ पंचायत देवेंद्र मिश्र समेत अन्य अधिकारियों द्वारा प्रधान रामदेव निषाद व दूसरे पक्ष के अभिकर्ता रवि प्रकाश श्रीवास्तव की मौजूदगी में पूरी मतगणना कराई गई। निगरानी के लिए उपजिलाधिकारी बल्दीराय विदुषी सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी अभिषेक शुक्ला, सीओ बल्दीराय सौरभ सामन्त, सीओ रमेश कुमार समेत कई तहसील के वरिष्ठ अधिकारी और भारी पुलिसबल मौजूद रहा।
जिला पंचायत राज अधिकारी अभिषेक शुक्ल ने बताया कि प्रस्ताव पास होने के बाद अब ग्राम प्रधान का पद रिक्त हो गया है। इसके लिए अब नए सिरे से चुनाव कराए जाएंगे।
मुस्कराते हुए आए थे, सिर झुकाकर लौटे
धनपतगंज। निवर्तमान ग्राम प्रधान रामदेव निषाद को शायद इस करारी हार का अहसास नहीं था। वे मतगणना के लिए जब आए थे तो उनके चेहरे पर मुस्कान थी। किंतु नतीजे घोषित होने के बाद वे सिर झुकाए निकल गए और मीडिया के सवालों का जवाब भी नहीं दिया। प्रशासन ने उन्हें सुरक्षा के साथ गांव तक पहुंचाया।
जनता जिसे चाहेगी वही होगा प्रधान : मोनू सिंह
धनपतगंज। मतगणना के दौरान ब्लाॅक मुख्यालय के बाहर ब्लाॅक प्रमुख यशभद्र सिंह मोनू मौजूद रहे। उनके बड़े भाई पूर्व विधायक चंद्रभद्र सिंह सोनू भी वहां पहुंचे और समर्थकों ने मिठाई बांटकर खुशी जताई। हालांकि प्रशासन की सख्ती के कारण कोई जश्न नहीं मनाया गया। इस दौरान सोनू सिंह ने कहा कि यह जनता की जीत है। उसने पहले प्रधान रामदेव निषाद को जिताया था, वे खरे नहीं उतरे तो हटा दिया। अब जनता जिसे चाहेगी वही जीतेगा।