सुल्तानपुर। प्रधानमंत्री आवास आवंटन के दो मामले हाईकोर्ट पहुंच गए। प्रकरण कोर्ट पहुंचने से मामला गरमा गया है। मुख्य विकास अधिकारी ने एक प्रकरण की जांच के लिए अधिकारियों की चार सदस्यीय टीम गठित कर दी।
पीएम आवास आवंटन में गड़बड़ी का पहला मामला जयसिंहपुर विकास खंड की माधवपुर छतौना ग्राम पंचायत से जुड़ा है। गांव निवासी तेज बहादुर सिंह के प्रकरण का निस्तारण करने के लिए हाईकोर्ट ने समय सीमा तय कर दी है।
कोर्ट के आदेश पर सीडीओ अंकुर कौशिक ने परियोजना निदेशक, उपजिलाधिकारी जयसिंहपुर, बीडीओ जयसिंहपुर अवर आरईडी के एक अवर अभियंता से जांच के लिए टीम गठित कर दी है। टीम से समय सीमा के भीतर रिपोर्ट मांगते हुए उसके निस्तारण का निर्देश दिया गया है।
दूसरा प्रकरण मोतिगरपुर ब्लॉक क्षेत्र की पारसीपट्टी ग्राम पंचायत का है। गांव में 10 लोगों को पात्रता के आधार पर प्रधानमंत्री आवास का आवंटन करते हुए 40 हजार रुपये की दर से पहली किस्त दे दी गई। इसके बाद शिकायत पर सभी को अपात्र घोषित कर दिया गया। दूसरी किस्त न मिलने से मामले ने तूल पकड़ लिया।
इनमें से एक आवंटी अशोक गौड़ हाईकोर्ट पहुंच गया। साथ ही डीएम से शिकायत करते हुए आशीष कुमार सिंह ने मजिस्ट्रेट से जांच करवाने की मांग की है। बताया जा रहा है कि अशोक गौड़ के पास पक्का मकान दिखाते हुए उसको अपात्र घोषित कर दिया गया है। परियोजना निदेशक केके पांडेय ने बताया कि दोनों मामलों को देखा जा रहा है। जल्द ही जांच करके निस्तारित करवा दिया जाएगा।