दूबेपुर (सुल्तानपुर)। राजधानी लखनऊ समेत आसपास के कई जिलों को रोशन करने वाला सुल्तानपुर बिजली संकट से जूझ रहा है। संकट बिजली की उपलब्धता का नहीं है, बल्कि वितरण का है। ओवरलोड से वितरण व्यवस्था अभी से चरमराने लगी है। 24 घंटे में करीब 72 बार बिजली गुल हुई। आने वाले दिनों में गर्मी बढ़ने के साथ यह संकट और गहराने के आसार हैं। भीषण गर्मी में बिजली न मिलने से लोगों को परेशानी हो रही है।
तापमान बढ़ने के साथ ही बिजली की मांग, खपत व लोड में भी लगातार इजाफा हुआ है। पावर ट्रांसमिशन के मुताबिक बीती एक मार्च को पीक आवर में अधिकतम पावर लोड 147.11 मेगावाट था, जो एक अप्रैल को 182.8 मेगावाट और एक मई को बढ़कर 200.25 मेगावाट हो गया। शाम के समय लोड लगभग डेढ़ गुना से अधिक बढ़ जाता है, जिससे तार, ट्रांसफार्मर व सब स्टेशनों के उपकरण ओवरलोड हो जाते हैं। क्षमता से अधिक पावर लोड पड़ने पर ट्रिपिंग होने लगती है।
अधिशासी अभियंता पावर ट्रांसमिशन रवि कुमार का कहना है कि जिले में बिजली की कोई कमी नहीं है। 400/220 केवी पारेषण उपकेंद्र पयागीपुर से मांग के मुताबिक वितरण विभाग को भरपूर बिजली की आपूर्ति की जा रही है। इसके अलावा 400 केवी न्यू टांडा व 400 केवी पीजीसीआइएल लखनऊ समेत आसपास जिलों को भी 400 केवी पयागीपुर से बिजली आपूर्ति की जाती है। ट्रिपिंग की समस्या के लिए पावर डिस्ट्रीब्यूशन की कमजोर आधारभूत संरचना जिम्मेदार हो सकती है।
जिले की बिजली वितरण व्यवस्था
पारेषण उपकेंद्र
1- 220 केवी पयागीपुर।
2- 132 केवी कादीपुर।
3- 132 केवी गोसैसिंहपुर।
4- 132 केवी लम्भुआ।
वितरण खंडवार 33/11 केवी उपकेंद्रों की संख्या-
प्रथम वितरण खंड - 7
जयसिंहपुर वितरण खंड- 7
बल्दीराय (द्वितीय) वितरण खंड- 10
लम्भुआ वितरण खंड - 10
कादीपुर वितरण खंड - 11