सुल्तानपुर। मरीजों को सुविधा देने के लिए छह महीने पहले मेडिकल काॅलेज में थायरायड जांच मशीन आई, जिसे एमसीएच विंग के चौथे तल पर स्थापित किया गया, लेकिन अभी तक इसके अलग-अलग भागों को मशीन में फिट नहीं किया जा सका है। मशीन के कल-पुर्जे धूल फांक रहे हैं और मरीज प्राइवेट लैब में थायरायड जांच कराने को मजबूर हैं।
दरअसल, वर्ष 2021 में जिला अस्पताल को अपग्रेड कर मेडिकल काॅलेज में तब्दील कर दिया गया। जांच सुविधाओं का दायरा बढ़ा तो पैथाेलॉजी विभाग को महिला अस्पताल में बने एमसीएच विंग के चौथे तल पर स्थानांतरित कर दिया गया। थायरायड के बढ़ते मरीजों की संख्या को देखते हुए करीब 17 लाख कीमत की थायरायड जांच मशीन मंगाई गई। उसके साथ काम करने वाला रिजेंट भी लाया गया। फरवरी 2024 में मशीन को स्थापित कर दिया गया, लेकिन इसके भाग अभी भी मुख्य मशीन से अलग हैं।
रोजाना आते हैं करीब 250 थायराइड मरीज
मेडिकल काॅलेज में रोजाना करीब 250 थायराइड मरीज इलाज के लिए आते हैं। इन मरीजों को जांच के लिए प्राइवेट पैथाेलाॅजी का सहारा लेना पड़ता है। प्रतापगंज से शुक्रवार को इलाज कराने आई शमा परवीन ने बताया कि उन्होंने प्राइवेट लैब में 950 रुपये देकर थायराइड जांच कराई है। इसी तरह रामगंज से इलाज के लिए आईं सुशीला वर्मा ने बताया कि उन्होंने मेडिकल काॅलेज के सामने स्थित एक पैथाेलाॅजी से 800 रुपये में जांच कराई।
व्यवस्था सुधारने पर चल रहा जोर
मेडिकल काॅलेज के प्राचार्य डाॅ. सलिल श्रीवास्तव ने बताया कि अभी जांच के लिए काफी काम करना है। धीरे-धीरे व्यवस्था सुधारने पर काम किया जा रहा है। जल्द ही सभी जांचें मेडिकल काॅलेज में मौजूद मिलेंगी।