सुल्तानपुर। फर्जी अभिलेख के सहारे कंपनी बनाकर लोगों से ठगी करने वाले गिरोह के सदस्य को कोर्ट से जमानत नहीं मिल पाई। प्रभारी जिला जज व एडीजे प्रथम इंतेखाब आलम ने अपराध गंभीर मानते हुए आरोपी की जमानत अर्जी खारिज कर दी। मामला अमेठी जिले के जगदीशपुर थाने से जुड़ा है।
डीजीसी क्रिमिनल राम अचल मिश्र के मुताबिक जगदीशपुर थाने के मिश्रौली निवासी राममूर्ति त्रिपाठी ने 31 अगस्त 2020 को जगदीशपुर थाने में कंपनी के ठगी गिरोह के सदस्य अयोध्या जिले के कुमारगंज निवासी धरनीधर उपाध्याय व 10 अन्य आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी, कूटरचना समेत अन्य गंभीर धाराओं में केस दर्ज कराया था।
राममूर्ति का कहना है कि जगदीशपुर कस्बे में कंपनी का ऑफिस खोला गया था। इस कंपनी की ओर से कई अन्य कंपनी भी बनाई गई थी। कंपनी ने प्रदेश के कई जिलों व शहरों में ऑफिस खोलकर निवेशकों से रुपये जमाकर कराकर उन्हें आकर्षक 40 फीसदी लाभांश सहित मूलधन की वापसी का झांसा दिया था।
राममूर्ति व उनके परिवार के सदस्यों की ओर से कंपनी में चार करोड़ रुपये जमा किए गए थे। बाद में जमा रुपये को वापस मांगने पर कंपनी के जिम्मेदार लोग आनाकानी करने लगे थे। जेल में निरुद्ध आरोपी धरनीधर उपाध्याय की जमानत अर्जी का विरोध करते हुए डीजीसी क्रिमिनल राम अचल मिश्र ने कहा कि कूटरचित फर्जी कंपनियों का गठन करके लोगों को ठगा जा रहा था। प्रभारी जिला जज ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद ठगी गिरोह के सदस्य की जमानत अर्जी खारिज कर दी है।