सुल्तानपुर। गर्मी में शहर के लोगों को इस बार बिजली की किल्लत न हो, इसके लिए पावर कार्पोरेशन ने तैयारी तेज कर दी है। शहर में तीन नए उपकेंद्र बनाने का प्रस्ताव बनाया गया है। इन केंद्रों के लिए जमीन मिलते ही निर्माण का काम शुरू हो जाएगा। यही नहीं इन केंद्रों तक बिजली पहुंचाने के लिए असरोगा में 132 केवीए के पारेषण केंद्र का भी प्रस्ताव तैयार है।
गर्मी के पिछले मौसम को याद करें तो बिजली आपूर्ति की हालत बेहद खराब थी। अप्रैल से लेकर जुलाई तक शायद ही किसी क्षेत्र में 12 घंटे भी बिजली मिल पाई हो क्योंकि शहर के सभी छह उपकेंद्रों पर लोड बहुत अधिक था। इस लोड को कम करने के लिए पावर कार्पोरेशन ने पुलिस लाइन, अंकारीपुर और लोहरामऊ में 33 केवीए के उपकेंद्र बनाने का निर्णय लिया है। इसके लिए प्रस्ताव आदि तैयार करके निगम के अफसरों ने जिला प्रशासन से जमीन उपलब्ध कराने की मांग की है।
इसके साथ ही पश्चिमी क्षेत्रों असरोगा, धम्मौर, कुड़वार, सरकौड़ा उपकेंद्र और नए प्रस्तावित उपकेंद्रों को बेहतर बिजली आपूर्ति के लिए असरोगा में 132 केवीए के एक पारेषण केंद्र का भी निर्माण किया जाएगा। अभी तक यह सारा लोड पयागीपुर स्थित 132 केवीए और 400 केवीए के पारेषण केंद्र पर ही था। इसके लिए भी पावर कार्पोरेशन ने प्रशासन से भूमि उपलब्ध कराने की मांग की है।
कादीपुर और लंभुआ में भी बनेंगे नए उपकेंद्र
जिले के कादीपुर और लंभुआ कस्बे में भी विद्युत आपूर्ति व्यवस्था सुधारने के लिए एक-एक नए उपकेंद्र की स्थापना का प्रस्ताव है। पावर कार्पोरेशन ने प्रस्ताव तैयार करके जिला प्रशासन को पत्र भेजकर इनके लिए भी जमीन की मांग की है।
प्रशासन की ढिलाई पड़ सकती है भारी
पावर कार्पोरेशन के अफसराें ने गर्मी के दिनों में शहर को राहत देने की जो तैयारी की है, उसके लिए यदि प्रशासन समय पर जमीन उपलब्ध न करा पाया तो शहर के लोगों की समस्या कम से कम इस गर्मी बरकरार ही रहेगी। जमीन मिलने के बाद ही पावर कार्पोरेशन शासन से बजट आवंटन की मांग करेगा। बजट आवंटन होने के बाद उपकेंद्रों के निर्माण में भी समय लगेगा। ऐसे में अधीक्षण अभियंता अखिलेश सिंह ने बताया कि सोमवार को उन्होंने मुख्य राजस्व अधिकारी से मुलाकात की थी। सीआरओ ने संंबंधित एसडीएम को जमीन उपलब्ध कराने के निर्देश दे दिए हैं। उम्मीद है कि जल्द ही जमीन मिल जाएगी।