सुल्तानपुर। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह व दो अन्य के खिलाफ दायर मानहानि केस में शनिवार को तलबी पर बहस नहीं हो पाई। परिवादी की ओर से मौका अर्जी देने के कारण एमपी-एमएलए की विशेष कोर्ट के मजिस्ट्रेट योगेश कुमार यादव ने अगली सुनवाई के लिए नौ अप्रैल की तिथि नियत कर दी है।
यूथ कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष वरुण मिश्र ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, पूर्व जिला पंचायत सदस्य अजय जायसवाल और विनय मालवीय के खिलाफ 22 फरवरी 2018 को कोर्ट में परिवाद दायर किया था।
उन्होंने आरोप लगाया था कि गृहमंत्री अमित शाह ने 10 जून 2017 को छत्तीसगढ़ में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इसके अलावा आरोपी अजय जायसवाल और विनय मालवीय ने सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी।
परिवादी व अन्य गवाहों का बयान दर्ज करने के बाद कोर्ट ने तलबी पर बहस के लिए छह अप्रैल की तिथि नियत की थी। शनिवार को परिवादी वरुण मिश्र के अधिवक्ता रवि शुक्ल ने मौका अर्जी देकर बहस करने के लिए अन्य तिथि नियत करने की मांग की। कोर्ट ने मामले में अगली सुनवाई के लिए नौ अप्रैल की तिथि नियत की है।