सुल्तानपुर। दीवानी न्यायालय की सुरक्षा को लेकर पुख्ता इंतजाम नहीं हो सके हैं। बुधवार को प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित कोर्ट परिसर में हुई हत्या के बाद भी पुलिस अदालत की सुरक्षा को लेकर चौकस नहीं रही। बृहस्पतिवार सुबह कोर्ट के मुख्य गेट पर प्रवेश करने वाले लोगों की चेकिंग की गई। दोपहर बाद सुरक्षा व्यवस्था ढीली हो गई। अदालत परिसर में लोग बे-रोकटोक जाते दिखाई पड़े।
दक्षिणी छोर पर स्थित दीवानी न्यायालय के मुख्य गेट पर मेटल डिटेक्टर लगाया गया है। व्यवस्था बनाई गई है कि लोग इसी से होकर कोर्ट परिसर में प्रवेश करें। न्यायिक अधिकारियों के आने-जाने पर मुख्य गेट खोला जाता है। मुख्य गेट के बगल में एक छोटा सा गेट लगा हुआ है। ज्यादातर लोग मेटल डिटेक्टर से होकर जाने के बजाय छोटे गेट से अंदर प्रवेश करते हैं। उन्हें कोई रोकता-टोकता नहीं। इससे सुरक्षा व्यवस्था को लेकर खतरा बना हुआ है।
उधर, पूर्वी गेट पर लगा मेटल डिटेक्टर शोपीस बना हुआ है। यहां तैनात रहने वाले पुलिस कर्मी आराम फरमाते रहते हैं। वे लोगों से पूछताछ करना वाजिब नहीं समझते। बुधवार को लखनऊ की कोर्ट परिसर में हुई हत्या के बाद पुलिस को कोर्ट की सुरक्षा को लेकर अलर्ट किया गया है।
बृहस्पतिवार को दीवानी न्यायालय के मुख्य गेट पर तैनात पुलिस कर्मियों ने दोपहर तक परिसर में प्रवेश करने वाले लोगों की चेकिंग की। दोपहर बाद सुरक्षा व्यवस्था ढीली हो गई। लोग बेरोकटोक प्रवेश करते दिखाई पड़े।
जिला जज ने सुरक्षा व्यवस्था का लिया जायजा
जिला जज जय प्रकाश पांडेय ने न्यायिक अधिकारियों के साथ बृहस्पतिवार को दीवानी न्यायालय परिसर की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने कोर्ट परिसर का निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों को सुरक्षा को लेकर जरूरी निर्देश दिए। उनके साथ सीजेएम सपना त्रिपाठी, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव अभिषेक सिन्हा व अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।
वकीलों ने बैठक पर सुरक्षा व्यवस्था पर जताई नाराजगी
दीवानी न्यायालय स्थित अधिवक्ता संघ भवन में बृहस्पतिवार को बार एसोसिएशन की बैठक हुई। इसमें वकीलों ने कोर्ट परिसर की सुरक्षा व्यवस्था पर नाराजगी जताई। बार एसोसिएशन अध्यक्ष गिरिजा प्रसाद शुक्ल की अध्यक्षता में हुई बैठक में कई वकीलों ने अपनी राय रखी।
अध्यक्ष ने बताया कि प्रत्येक माह जिला जज की अध्यक्षता में होने वाली मॉनीटरिंग सेल की बैठक में बार के प्रतिनिधि को शामिल करने, कोर्ट व अधिवक्ता की सुरक्षा व्यवस्था कराने का प्रस्ताव पास किया गया है। उन्होंने वकीलों से निर्धारित ड्रेस में आने, सीओपी व पहचान पत्र साथ रखने की अपील की है।
सरकार बनाए एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट
सरकार को एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट बनाना चाहिए। इसका प्रारूप बार कौंसिल ने तैयार किया है। बार कौंसिल से इसके लिए मांग की जा रही है। बार एसोसिएशन भी एडवोकेट प्रोटेक्शन बनाने की मांग के साथ है।
-गिरिजा प्रसाद शुक्ल, बार एसोसिएशन अध्यक्ष
सुरक्षा को लेकर दिए गए निर्देश
कोर्ट परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर संबंधित कर्मचारियों को जरूरी निर्देश दिए गए हैं। सुरक्षा कमेटी की बैठक करके सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की योजना की समीक्षा की गई है। वकीलों को चाहिए कि यदि कोई संदिग्ध व्यक्ति दिखाई पड़े तो तत्काल इसकी सूचना सुरक्षा कमेटी को दे।
-अभिषेक सिन्हा, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण
कोर्ट परिसर में प्रवेश के लिए हो एक गेट
अदालत परिसर के अंदर हत्या होना चिंता का विषय है। कोर्ट परिसर में प्रवेश के लिए एक गेट होना चाहिए। प्रवेश करने वालों की जांच होनी चाहिए।
- अरविंद सिंह राजा, अधिवक्ता
नियमित होनी चाहिए चेकिंग
कोर्ट परिसर में जाने आने वाले लोगों की नियमित चेकिंग होनी चाहिए। घटना के बाद कुछ दिन तक सुरक्षा में तैनात पुलिस सक्रिय रहती है। समय बीतने के साथ ही पुलिस कोर्ट की सुरक्षा को लेकर लापरवाह हो जाती है।
-धनंजय दुबे, अधिवक्ता