सुल्तानपुर। तीन माह पूर्व हुई मारपीट का मुकदमा दर्ज कराने के लिए थाना समाधान दिवस पर पहुंचे पीड़ित को पुलिस ने लॉकअप में बैठा दिया। यहीं नहीं ज्यादा शोर मचाने पर शांतिभंग में चालान करने की धमकी भी दी। जानकारी होने पर पहुंची पत्नी के हाथ जोड़ने पर पुलिस ने पीड़ित को ढाई घंटे बाद छोड़ा।
बल्दीराय थाना क्षेत्र के सुरेश नगर चौराहा (बरासिन) निवासी ओमप्रकाश निषाद ई-रिक्शा चालक है। वह अमहट स्थित सब्जी मंडी में ई-रिक्शा चलाता है। 31 दिसंबर 2022 को सब्जी मंडी पहुंचने पर दो अज्ञात लोगों ने उसको गाली देते हुए मारपीटा। उसने घटना का वीडियो बनाना चाहा तो आरोपियों ने मोबाइल छीनकर तोड़ दिया था।
ओमप्रकाश की सूचना पर यूपी 112 के पहुंचने से पहले ही आरोपी मौके से भाग गए थे। बाद में पता चला कि मारपीट करने वाले आरोपी शहर के खैराबाद के निवासी हैं। उसने कोतवाली नगर में तहरीर देकर केस दर्ज कराने की मांग की थी।
पुलिस के मुकदमा दर्ज करने से टाल-मटोल करने पर ओमप्रकाश ने पूरे मामले की शिकायत आईजीआरएस पोर्टल पर की थी। पोर्टल से मामला जांच व कार्रवाई के लिए कोतवाली नगर पहुंच गया है। तीन माह से कार्रवाई के लिए चक्कर काट रहे ओमप्रकाश को कोतवाली नगर के सिपाही अरविंद कुमार ने शनिवार को फोन करके बुलाया था।
इस पर ओमप्रकाश कोतवाली पहुंचा। उसका आरोप है कि पुलिस ने आरोपियों पर मुकदमा दर्ज करने के बजाय उल्टे उसे ही लॉकअप में डाल दिया। जानकारी होने पर उसकी पत्नी रेनू कोतवाली पहुंची और पति को छोड़ने के लिए अनुरोध करने लगी। तब जाकर पुलिस ने ढाई घंटे बाद ओमप्रकाश को लॉकअप से रिहा किया।
ओमप्रकाश का आरोप है कि पुलिस ने उसे शांतिभंग के अंदेशे में चालान करने के लिए धमकाया था। इस बारे में सिपाही अरविंद कुमार ने फरियादी को लॉकअप में बंद करने के आरोप से इन्कार करते हुए बताया कि मामला आईजीआरएस पोर्टल से निस्तारण के लिए कोतवाली आया है। फरियादी को कोतवाल के निर्देश पर बरामदे में बैठाया गया था।