सुल्तानपुर। कड़ाके की ठंड व कोहरे का असर रेल यात्रा पर भी पड़ा है। लोग बहुत जरूरी होने पर ट्रेन से यात्रा कर रहे हैं। खासतौर पर कम दूरी की रेल यात्रा बुरी तरह प्रभावित हुई है। यात्रियों की संख्या आधी हो गई है। इससे रेलवे की आय पर भी फर्क पड़ा है।
सुल्तानपुर से होकर गुजरने वाली प्रमुख ट्रेन शटल एक्सप्रेस से रोज बड़ी संख्या में यात्री लखनऊ आते-जाते हैं। नवंबर तक सुल्तानपुर रेलवे स्टेशन के टिकट काउंटर से रोज करीब 150 यात्री शटल एक्सप्रेस से सफर करने के लिए टिकट खरीदते थे।
इससे रेलवे को करीब 12 हजार रुपये का राजस्व मिलता था। दिसंबर के अंतिम सप्ताह से ठंड बढ़ने के बाद रेल यात्रियों की संख्या आधी से भी कम हो गई है। अब यह संख्या करीब 60-70 हो गई है। वहीं राजस्व भी 12 हजार रुपये से घटकर पांच हजार रुपये तक पहुंच गया है। सुल्तानपुर से उतरेटिया तक मेमू से जाने वाले यात्रियों की प्रतिदिन की औसतन संख्या 80 थी।
टिकट काउंटर पर रेलवे को मेमू से प्रतिदिन करीब 28 सौ रुपये का राजस्व मिलता था। ठंड बढ़ने के बाद यात्रियों की संख्या 20 हो गई है। राजस्व भी 28 सौ रुपये से घट कर करीब सात रुपये तक पहुंच गया है। स्टेशन अधीक्षक बीएस मीना ने बताया कि ठंड की वजह से ट्रेनों में यात्रियों की संख्या कम हो गई है।
परिचालन संबंधी कारणों से रेलवे ने सुल्तानपुर से वाराणसी के बीच रोज चलने सुल्तानपुर-वाराणसी स्पेशल ट्रेन का संचालन निरस्त कर दिया है। रेलवे की वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक रेखा शर्मा ने बताया कि यह ट्रेन 12 जनवरी से 28 फरवरी तक निरस्त की गई है।