गोसाईगंज (सुल्तानपुर)। थाना क्षेत्र गोसाईगंज के फतेहपुर संगत गांव से काम पर निकले पेंटर का शव चार दिन बाद शनिवार दोपहर कोतवाली देहात थाना क्षेत्र के ओदरा गांव के पास गोमती में मिला था। रविवार को जब शव घर पहुंचा तो परिजनों ने अंतिम संस्कार से इन्कार कर दिया। उसके साथ काम करने वाले लोगों पर हत्या का आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराने की मांग की। सूचना पर नायब तहसीलदार गांव पहुंचे। देर रात तक परिजनों को समझाने-बुझाने का सिलसिला जारी रहा।
कोतवाली देहात थाना क्षेत्र के ओदरा गांव के पास शनिवार दोपहर गोमती नदी में ग्रामीणों ने एक युवक का शव उतराया देखा था। उसकी शिनाख्त शिवराम (40) निवासी फतेहपुर संगत थाना गोसाईगंज के रूप में हुई थी। शिवराम की पत्नी मिथिलेश ने शव की शिनाख्त की थी।
रविवार को पोस्टमार्टम के बाद जब शिवराम का शव घर पहुंचा तो परिजनों ने अंतिम संस्कार करने से इन्कार दिया। पत्नी मिथिलेश ने आरोप लगाते हुए बताया कि उसका शिवराम पेंटिंग का काम करता था। 12 दिसंबर को वह घर से शहर के सीताकुंड स्थित एक घर में पेंटिंग करने के लिए निकला था।
वह गांव के अमर बहादुर, बुद्धू, जय प्रकाश व मनोज के साथ गया था। उसी दिन से वह घर नहीं लौटा था। पीड़िता ने उन्हीं चार आरोपियों पर पति की हत्या करने का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ केस दर्ज कराने की मांग की।
घटना की जानकारी होने पर नायब तहसीलदार जयसिंहपुर धर्मेंद्र यादव, प्रभारी निरीक्षक गोसाईगंंज धीरज कुमार फतेहपुर संगत गांंव पहुंचे। परिजनों ने आरोपियों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कराने, 25 लाख का मुआवजा दिलाने, पीएम आवास व पट्टा की भूमि दिलाए जाने की मांग अधिकारियों के समक्ष रखी। देर रात तक अधिकारियों के साथ परिजनों के बातचीत करने का सिलसिला जारी रहा।