दोस्तपुर (सुल्तानपुर)। रोजी-रोटी के लिए कुवैत गए बखरा जलालपुर के युवक ने 17 जुलाई को वहीं पर फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली थी। समाजसेवी अब्दुल हक के प्रयास से विदेश मंत्रालय की मंजूरी मिलने के बाद उसके शव को भारत लाया गया। शुक्रवार को लखनऊ एयरपोर्ट से शव घर पहुंचा तो कोहराम मच गया।
दोस्तपुर थाना क्षेत्र के बखरा जलालपुर निवासी घनश्याम (28) ने कुवैत में कमाने के लिए अपने रिश्तेदार विजय कुमार निवासी ससपने थाना बेवाना जिला अंबेडकरनगर से बीजा बनवाया था। घर वाले बताते हैं कि घनश्याम 19 अक्तूबर 2022 को कुवैत गया था। वह वहां लांड्री का काम करता था।
17 जुलाई को कुवैत से उसके घर पर फोन आया। बताया गया कि घनश्याम ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। उसकी मौत की सूचना उसके रूम पार्टनर ने दी थी। यह पता चलने के बाद घर वाले दुखी हो गए। घनश्याम का शव कुवैत से भारत लाने के लिए परिजन काफी चिंतित हो गए। इसी बीच उनकी मुलाकात समाजसेवी कादीपुर निवासी अब्दुल हक से हुई।
मृतक के बड़े भाई विनोद कुमार ने अब्दुल हक को पूरे घटनाक्रम की जानकारी देते हुए अपने छोटे भाई का शव कुवैत से मंगाने की बात कही। उनके अनुरोध पर समाजसेवी ने विदेश मंत्रालय में आवेदन कर शव को कुवैत से भारत मंगवाने की गुजारिश की। उनकी मांग को विदेश मंत्रालय ने स्वीकार कर लिया।
शुक्रवार दोपहर घनश्याम का शव कुवैत एयरवेज से लखनऊ पहुंचा। वहां से वाया सड़क मार्ग शाम सात बजे बखरा जलालपुर गांव स्थित घर पर लाया गया। शव पहुंचते ही घर मातम शुरू हो गया। मृतक की मां शारदा देवी, पत्नी सीमा, पुत्री साल्वी का रो-रोकर बुरा हाल है। पत्नी गर्भवती बताई जा रही है। ग्राम प्रधान राम कुमार पासवान ने बताया कि रात में ही अंतिम संस्कार कर दिया गया।