सुल्तानपुर। इंडियन टेलीफोन इंडस्ट्री लिमिटेड (आईटीआई) कॉलोनी के कमरा नंबर 404 में सुल्तानपुर सराफ डकैती की साजिश रची गई थी। अमेठी जिले के मोहनगंज क्षेत्र के भवानी नगर निवासी मास्टरमाइंड विपिन सिंह साथियों के साथ इसी कमरे में रुककर एक माह तक योजना पर काम करता रहा। वारदात के बाद विपिन साथियों के साथ यहीं पहुंचा और सोना-चांदी का बंटवारा कर सभी को अलग-अलग क्षेत्रों में भगा दिया।
पुलिस ने घटना में शामिल कई आरोपियों को पकड़ लिया था, लेकिन सोना बरामद नहीं हो पाया था। सुल्तानपुर के कोतवाली प्रभारी अरुण कुमार द्विवेदी और अयोध्या जिले के एसओजी प्रभारी अमरेश कुमार त्रिपाठी ने रविवार को रायबरेली जिला कारागार में बंद विपिन सिंह को पांच दिनों की रिमांड पर लिया।
सुल्तानपुर पुलिस और अयोध्या की एसओजी ने बुधवार को विपिन की निशानदेही पर सोना बरामद कर लिया। सूत्रों के अनुसार विपिन और उसके साथियों ने आईटीआई फैक्टरी में ही किराए का कमरा लेकर पूरे घटनाक्रम की पठकथा लिखी थी। पुलिस को उन पर शक न हो, इसलिए डकैती के बाद अन्य ठिकानों पर शरण ले ली थी।
विपिन की निशानदेही पर बरामद किया सोना
सुल्तानपुर पुलिस बुधवार को विपिन को लेकर आईटीआई फैक्टरी स्थित कमरा नंबर 404 पहुंंची, जहां से सोना बरामद हुआ। अब देखना यह है कि सुल्तानपुर पुलिस सोना बरामदगी कहां से दिखाती है। इस सब के बीच रायबरेली पुलिस आईटीआई स्थित कमरे से सोना बरामदगी से बेखबर रही।
पुलिस वाले आए, ताला तोड़ा और बैग लेकर गए
विपिन के पड़ोसियों ने बताया कि मंगलवार सुबह करीब छह बजे कुछ पुलिसकर्मी आईटीआई फैक्टरी स्थित कमरा नंबर 404 पहुंचे। कमरे में ताला बंद था। इस पर पुलिसकर्मियों ने कमरे का ताला तोड़ दिया। करीब सात बजे बैग में कोई सामान भरकर चले गए। किस थाने की पुलिस थी, इसकी जानकारी नहीं हो पाई।
चार दिनों में ही टूटा विपिन, बताया सोने का पूरा राज
रिमांड की अवधि पांच दिनों की थी, लेकिन चौथे ही दिन विपिन सिंह पुलिस के आगे टूट गया। उसने पुलिस को रायबरेली की आईटीआई फैक्टरी में सोना छिपाने की बात बता दी। वैसे तो विपिन ने पुलिस को गुमराह करने की भरपूर कोशिश की, लेकिन उसकी चालाकी ज्यादा देर तक नहीं टिक सकी। पुलिस की सख्ती बढ़ी तो विपिन घटना के दूसरे दिन ही गिरफ्तारी से बचने के लिए गैंगेस्टर अधिनियम के एक पुराने मामले में रायबरेली गैंगेस्टर कोर्ट में सरेंडर कर दिया। रिमांड के पहले दिन सुल्तानपुर-अयोध्या जिले के बॉर्डर पर सोना छिपाने की बात कहते हुए विपिन पुलिस को गुमराह करता रहा।
मुठभेड़ में ढेर मंगेश यादव भी डकैती में शामिल था
पुलिस मुठभेड़ में ढेर मंगेश यादव विपिन गैंग का मुख्य गुर्गा था। मंगेश भी विपिन के साथ आईटीआई फैक्टरी स्थित कमरे में रह रहा था। मुठभेड़ के बाद उठे राजनीतिक सवालों को भी पुलिस कार्रवाई ने करारा जवाब दिया है। विपिन ने यह बात स्वीकारी है कि डकैती में मंगेश यादव भी शामिल था।
आरडी सिंह के नाम था कमरा
आईटीआई फैक्टरी बदहाली के दौर से गुजर रही है। मौजूदा समय में वहां अधिकारियों व कर्मचारियों का कम रहना होता है। आईटीआई रिटायर अधिकारियों व कर्मचारियों को यहां आसानी से कमरा मिल जाता है। खास बात यह है कि जिन लोगों को कमरा आसानी से मिलता है, वह पैसा कमाने के चक्कर में दूसरे लोगों को कमरा दे देते हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार विपिन सिंह और उसका गिरोह जिस कमरे में ठहरा था, वह कमरा किसी आरडी सिंह के नाम पर एलॉट है।