सुल्तानपुर। चुुनाव में पांचों निकायों में जीत दर्ज करने वाले चेयरमैन बोर्ड का बहुमत नहीं जुटा सके। नगर पालिका व कादीपुर में चेयरमैन के चुनाव में जीत दर्ज करने के बाद भी भाजपा बहुमत से दूर रह गई। दोस्तपुर में जीत दर्ज करने वाली सपा व कोइरीपुर में बसपा भी बोर्ड में बहुमत नहीं प्राप्त कर सकी है। बोर्ड में बहुमत न मिलने से चेयरमैन को भविष्य में दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है।
नगर निकाय चुनाव में भाजपा ने नगर पालिका समेत सभी नगर पंचायतों में तकरीबन सभी वार्डों में प्रत्याशी उतारा था। चेयरमैन पद पर कब्जा करने के साथ ही भाजपा की ओर से बोर्ड में बहुमत हासिल करने की भी योजना तैयार की गई थी। शनिवार को घोषित नतीजों से भाजपा की योजना पर पानी फिर गया।
भाजपा ने ऐतिहासिक अंतर से नगर पालिका चेयरमैन के पद पर जीत दर्ज कर ली लेकिन बोर्ड में उसे बहुमत नहीं हासिल हो सका। 25 वार्डों वाली नगर पालिका में मतदाताओं ने भाजपा के 14 प्रत्याशियों को नकार दिया। भाजपा के सिर्फ 11 वार्डों के प्रत्याशी ही चुनाव जीत सके। 10 वार्डों वाली कादीपुर नगर पंचायत में चेयरमैन पद पर भाजपा ने अपनी जीत का पताका फहरा दिया लेकिन सदस्यों के चुनाव में पार्टी गच्चा खा गई।
भाजपा के सिर्फ दो प्रत्याशी ही वार्ड का चुनाव जीत सके। कुल संख्या के आधे वार्डों के प्रत्याशियों के चुनाव हार जाने से भाजपा को दोनों नगर निकायों में बहुमत हासिल नहीं हो सकी।
कोइरीपुर नगर पंचायत में अध्यक्ष पद हथियाने वाली बसपा भी बोर्ड में बहुमत नहीं जुटा सकी है। 10 वार्डों वाली नगर पंचायत में सात सदस्य निर्दल चुनकर आए हैं। दो बीजेपी, एक सदस्य एआईएमआईएम से चुने गए हैं। बसपा का एक भी सदस्य नहीं चुना गया है। दोस्तपुर नगर पंचायत में पहली बार सपा ने चेयरमैन पद पर जीत दर्ज की है। 11 वार्डों वाली नगर पंचायत में सपा को भी बहुमत नहीं मिल सका है।
सपा से महज एक सदस्य ही चुनाव जीत सका है। इसके अलावा एक भाजपा, एक बसपा व आठ निर्दल सदस्य चुने गए हैं। नवगठित लंभुआ नगर पंचायत के पहले चुनाव में निर्दल चेयरमैन चुने गए हैं। 15 वार्डों वाली नगर पंचायत में छह सदस्य भाजपा, एक सपा, दो एआईएमआईएम व छह निर्दल जीत कर आए हैं।