तंबौर बिसवांखुर्द में चल रहे गायत्री यज्ञ के दौरान देव मंच से लोगों को किया संबोधित।
तंबौर ( सीतापुर)। युग चेतना केन्द्र बिसवां खुर्द में चल रही गायत्री महायज्ञ में देव संस्कृति विश्वविद्यालय हरिद्वार के प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पांड्या विशिष्ट अतिथि रहे। उन्होंने कहा कि आज चारों ओर निराशा, असंतोष, मतभेद, तनाव व अशांति का वातावरण दिखाई दे रहा है। जिसे आध्यात्मिक कार्यक्रमों में तमाम संस्कारों के माध्यम से दूर किया जा सकता है।
रविवार देर शाम आयोजित कार्यक्रम में प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पांड्या ने चेतना केन्द्र में स्थापित सजल-श्रद्धा, प्रखर-प्रज्ञा का विधि विधान से पूजन कर लोकार्पण किया। कार्यक्रम से जुड़े सृजन सेवकों ने उनका स्वागत किया। इसके बाद यज्ञ स्थल पर बनाए गए मंच से श्रद्धालुओं को संबोधित कर राष्ट्र व समाज निर्माण में सहयोग करने का आवाहन किया।
उन्होंने कहा कि आज देश का युवा अपने वास्तविक जीवन से भ्रमित होकर भटका हुआ है। जिसे संस्कारित कर उसे जीवन के उद्देश्यों, लक्ष्यों और जिम्मेदारियों की महत्ता बताने की आवश्यकता है। मुझे आशा है कि बिसवां खुर्द का गायत्री चेतना केन्द्र इस प्रकार के बड़े आध्यात्मिक कार्यक्रम करवाकर लोगों की अंतर्चेतना को आलोकित करता रहेगा। डॉ. चिन्मय पांड्या ने मार्मिक अपील करते हुए लोगों को सावधान करते हुए कहा कि पता नहीं किन पुण्य कर्मों के प्रभाव से मानव जीवन मिला। जिसे श्रेष्ठ बनाने की जिम्मेदारी भी हमारे ही ऊपर है। आज अनेक युवा अभाव के कारण नहीं स्वभाव के कारण गलत रास्तों पर चल रहे हैं। जिनके स्वभाव में बदलाव की जरूरत है।