अखंडनगर (सुल्तानपुर)। थाना क्षेत्र के पौधनरामपुर गांव में एक राइस मिल संचालक पर रविवार रात हुई फायरिंग का मामला मेडिकल जांच में झूठा साबित हुआ। प्रथम दृष्टया पुलिस घटना को फर्जी बता रही है। पुलिस का कहना है कि चोट ठोस और किसी कुंद वस्तु से लगी है, गन शॉट जैसी कोई बात मेडिकल रिपोर्ट में सामने नहीं आई है।
राइस मिल संचालक राम प्यारे जायसवाल (50) पर बीते रविवार की रात हमला हुआ था। इससे उसकी पीठ में चोट आई थी। चोट के बाद सीएचसी से मेडिकल कॉलेज सुल्तानपुर और फिर वहां से घायल को केजीएमयू लखनऊ रेफर कर इलाज किया जा रहा है। मिल संचालक की पुत्री अर्चना जायसवाल ने रविवार को रंजिशवश पिता को गोली मारे जाने की बात कही थी। हालांकि उन्होंने किसी को आरोपी नही बताया था। मामले की शुरुआती जांच में ही पुलिस ने गोली चलने के आरोप को गलत करार दिया है।
एएसपी विपुल श्रीवास्तव ने बताया कि घायल राम प्यारे जायसवाल स्वयं एक हत्या के आरोपी हैं और जमानत पर बाहर हैं। मामले के सह अभियुक्त जेल में हैं। हमले के बाद रात में ही मेडिकल कॉलेज में एक्सरे व मेडिकल परीक्षण करवाया गया। जांच में किसी तरह से गन शॉट इंजरी की पुष्टि नहीं हुई। चोट किसी ठोस और कुंद वस्तु से लगी है। हत्या से पीड़ित पक्ष पर जानबूझकर गोली चलाने की घटना का आरोप लगाया जा रह है।
सोशल मीडिया पर रिपोर्ट वायरल
पौधनरामपुर में रविवार रात हुई फायरिंग की घटना में घायल राम प्यारे जायसवाल की केजीएमयू लखनऊ में हुई एक मेडिकल रिपोर्ट सोशल मीडिया पर वायरल हुई है। रिपोर्ट में गन शॉट इंजरी दर्शाया गया है। हालांकि इस रिपोर्ट की कोई वैधानिक पुष्टि नहीं हुई है। थानाध्यक्ष अखंडनगर संतोष सिंह ने बताया कि पूरा मामला संदिग्ध है। इस लिए पुलिस हर पहलू की जांच कर रही है।