सुल्तानपुर। अमेठी जिले के जामो थाने के मवई गांव निवासी मोहम्मद असलम के खिलाफ पत्नी रियाबुल निशां उर्फ गुड़िया ने गुजारा भत्ता के लिए कोर्ट में केस दायर किया था। अधिवक्ता अनिल दुबे ने बताया कि 19 अप्रैल 2018 को फैमिली कोर्ट ने मोहम्मद असलम को आदेश दिया था कि वह पत्नी व दो बच्चों को मिलाकर कुल पांच हजार रुपये गुजारा भत्ता के तौर पर हर माह अदा करें।
कोर्ट के आदेश के बाद भी मोहम्मद असलम ने गुजारा भत्ता नहीं दिया है। मौजूदा समय में गुजारा भत्ता का बकाया बढ़कर तीन लाख, 10 हजार रुपये हो गए हैं। कोर्ट ने मोहम्मद असलम की संपत्ति कुर्क कराकर उसे नीलाम कराने और उससे मिलने वाली रकम पीड़िता को देने का आदेश दिया था।
इसके बाद भी राजस्व विभाग ने आदेश का पालन नहीं किया। फैमिली कोर्ट की अपर प्रधान न्यायाधीश अंकिता शुक्ला ने गौरीगंज तहसीलदार को अदालत में तलब कर जवाब मांगा है। मामले में अगली सुनवाई 25 जुलाई को होगी।