सुल्तानपुर। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे की हवाई पट्टी पर शनिवार को वायुसेना के लड़ाकू विमानों ने युद्ध कौशल दिखाया। अभ्यास के दौरान एक-एक करके चार लड़ाकू विमान उतरे और रनवे पर दौड़ लगाते हुए फिर उड़ गए। जंगी जहाजों के अभ्यास को देखते हुए हवाई पट्टी सुरक्षा घेरे में रही। दृश्यता कम होने के चलते सेना को चार घंटे का अभ्यास दो घंटे में ही समाप्त करना पड़ा। सेना ने इस अभ्यास के जरिये हवाई पट्टी की उपयोगिता भी परखी।
लखनऊ-गाजीपुर पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर कूरेभार के पास स्थित अरवलकीरी करवत के पास बनी हवाई पट्टी पर शनिवार सुबह करीब 11 बजकर 10 मिनट पर पहला लड़ाकू विमान पहुंचा। विमान हवाई पट्टी को छूता हुआ फिर उड़ गया। इसके बाद एक-एक करके वायुसेना के सुखोई, मिराज व जगुआर विमानों ने आसमान में मड़राना शुरू कर दिया।
लड़ाकू विमान हवाई पट्टी के रनवे पर एक-एक करके दौड़ लगाते हुए उड़ गए। लड़ाकू विमानों की गर्जना से आसपास का इलाका गूंजता रहा। करीब दो घंटे चले सेना के अभ्यास के अंत में एएन -32 रनवे पर उतरा। लगभग नौ मिनट रनवे पर रेंगने के बाद उड़ान भरते हुए लौट गया।
वायुसेना के अभ्यास के दौरान सुखोई, मिराज व जगुआर विमान कुल 10 बार हवाई पट्टी पर टच एंड गो की मुद्रा में आए। एक सुखोई व एक मिराज हवाई पट्टी पर दौड़ लगाते हुए उड़ गया। एक सुखोई व एक जगुआर हवाई पट्टी को छूते हुए निकल गया। इस दौरान पूरा माहौल रोमांचक रहा।
आसपास के लोगों ने डेढ़ साल बाद फिर देखा विमानों का युद्धाभ्यास
आसपास के लोगों ने करीब डेढ़ साल बाद फिर वायुसेना के विमानों का युद्धाभ्यास नजदीक से देखा। वायुसेना के ग्रुप कमांडर डी नौटियाल ने बताया कि हवाई पट्टी पर सुखोई, जगुआर व मिराज विमानों ने अभ्यास किया। एयर वाइज मार्शल संजीव कुमार, एयर कमोडोर एएस मिन्हास, मनीष सरदेव, विनय के शर्मा व मनोज गोस्वामी की देखरेख में वायुसेना ने युद्धाभ्यास किया।
एएन-32 से सामग्री व अधिकारी पहुंचे थे। इसके पहले एक हेलीकॉप्टर जेडए 1797 वायुसेना के अधिकारियों को लेकर हवाई पट्टी पर करीब साढ़े 10 बजे पहुंचा था। युद्धाभ्यास का संचालन प्रयागराज एयरवेज से हो रहा था। इस दौरान हवाई पट्टी पर वायुसेना के अधिकारियों के साथ डीएम जसजीत कौर, एसपी सोमेन बर्मा, विधायक राजप्रसाद, राजेश गौतम, भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. आरए वर्मा, एसडीएम जयसिंहपुर संजीव कुमार समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।