कूरेभार (सुल्तानपुर)। जिले की इकलौती किसान सहकारी चीनी मिल के 41वें पेराई सत्र का शुभारंभ शुक्रवार को हुआ। मुख्य अतिथि एडीएम प्रशासन पंकज सिंह ने डोंगा में गन्ना डाल कर पेराई सत्र 2023- 24 की शुरुआत की। शुभारंभ के दो मिनट बाद ही मिल का पहिया बंद हो गया।
शुक्रवार सुबह लगभग 10 बजे चीनी मिल परिसर में विधिवत हवन-पूजन किया गया। मिल का शुभारंभ करते हुए एडीएम प्रशासन पंकज सिंह व प्रधान प्रबंधक प्रताप नारायण सबसे पहले गन्ना लेकर चीनी मिल आए। किसान राजेंद्र प्रसाद वर्मा निवासी बलरामऊ को साफा पहनाकर बाल्टी भेंट की। गन्ना लदी टैक्टर-ट्राॅली की आरती उतारी व नारियल फोड़कर 41वें पेराई सत्र की शुरुआत की।
मिल परिसर के डोंगा में एडीएम प्रशासन पंकज सिंह, प्रधान प्रबंधक प्रताप नारायण, जिला गन्नाधिकारी राजेंद्र प्रसाद, चीनी मिल उपाध्यक्ष उमेश प्रताप सिंह ने गन्ना डाला व चीफ इंजीनियर विवेक यादव ने मशीन का बटन दबाकर चीनी मिल को चालू कर दिया। हालांकि दो मिनट तक मिल का पहिया घूमा और फिर मिल को बंद कर दिया गया।
इस दौरान मुख्य गन्ना अधिकारी राधेश्याम पासवान, ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक राम प्रसाद, सप्लाई इंचार्ज राम तेज वर्मा, डायरेक्टर पंकज सिंह राजेंद्र प्रसाद वर्मा, राम यज्ञ वर्मा गन्ना निरीक्षक बांके लाल, बृजेश पांडेय, रमाशंकर वर्मा, भोला बाबू, चीनी मिल मजदूर संघ अध्यक्ष शकील अहमद, महामंत्री अवधेश सिंह व शिव कुमार सिंह मौजूद रहे।
पर्याप्त गन्ना होने पर चलेगी मिल : प्रधान प्रबंधक
चीनी मिल के प्रधान प्रबंधक प्रताप नारायण ने बताया कि किसान सहकारी चीनी मिल का मेंटेनेंस कार्य पूरा कर लिया गया है। गन्ना किसानों के लिए करीब साढे तीन हजार पर्चियां काटी जा चुकी हैं। चीनी मिल पर गन्ने काे डंप किया जा रहा है। पर्याप्त गन्ना हो जाने पर मिल को चालू कर दिया जाएगा।
दस लाख क्विंटल पेराई का लक्ष्य
पेराई सत्र 2023-24 में किसान सहकारी चीनी मिल को शासन से 10 लाख क्विंटल गन्ना पेराई का लक्ष्य निर्धारित किया गया है करीब 40 वर्ष पूर्व स्थापित चीनी मिल के कल-पुर्जे काफी पुराने होने के कारण बीच-बीच में तकनीकी खराबी के चलते मिल बंद हो जाती है। इससे गन्ना किसानों को काफी परेशानियां उठानी पड़ती हैं। चीनी मिल की पेराई क्षमता स्थापना के दौरान 12 हजार 500 क्विंटल प्रतिदिन की थी जो अब घटकर महज आठ हजार क्विंटल तक की रह गई हैं।
किसानों ने सुनाईं समस्याएं
चीनी मिल शुभारंभ के दौरान पहुंचे किसानों ने मिल से संबंधित अपनी-अपनी समस्याएं मुख्य गन्ना अधिकारी राधेश्याम पासवान को बताईं। उन्होंने कहा कि गन्ना किसानों की समस्याओं का निराकरण एक सप्ताह के अंदर कर दिया जाएगा।
अब केवल सात केंद्रों पर होगी खरीद
इस बार चीनी मिल से मिल गेट सहित केवल सात केंद्रों पर गन्ने की खरीद की जाएगी। जबकि चीनी मिल की स्थापना के समय इस चीनी मिल के कुल 38 क्रय केंद्रों के साथ मिल गेट पर भी किसानों का गन्ना खरीदा जाता था। चीनी मिल के जर्जर होने से अब केवल धनऊडीह, पटना, जयसिंहपुर, बिरसिंहपुर, सेमरी व धनपतगंज के अलावा मिल गेट पर ही गन्ने की खरीद होती है।