सुल्तानपुर। जिले के सात पंचायत सचिवों ने पंचायत भवन में अतिरिक्त कक्ष का निर्माण कार्य पूरा कराए बिना ही आवंटित 28 लाख रुपये की धनराशि बैंक से निकाल कर खर्च दर्शा दी। इसमें से एक पंचायत सचिव ने तो पंचायत सचिवालय के बजाय दूसरी ही मद में इस धनराशि से हजारों का भुगतान भी कर दिया है। समीक्षा में उजागर हुए मामले के बाद पंचायतराज विभाग ने अब आरोपी पंचायत सचिवों को नोटिस जारी कर एक सप्ताह में स्पष्टीकरण देने को कहा है।
पंचायतराज विभाग ने छोटे पंचायत भवनों वाली ग्राम पंचायतों में अतिरिक्त कक्ष का निर्माण कराने के लिए पिछले वर्ष धनराशि जारी की थी। चिह्नित ग्राम पंचायतों में प्रत्येक अतिरिक्त कक्ष के निर्माण के लिए चार लाख रुपया आवंटित किया गया था।
पिछले दिनों समीक्षा में सात ग्राम पंचायतों में पैसा पूरा निकाले जाने के बाद भी कार्य पूूर्ण नहीं पाया गया। समीक्षा में पीपीकमैचा के अरजो, धनपतगंज के सोनबरसा, लंभुआ के गोथुआ जागीपुर, कूरेभार के सिद्धिगनेशपुर, वल्लीपुर, परवर व अंगनकोल में अतिरिक्त कक्ष की फर्श, टाइल्स व अन्य कार्य नहीं कराया गया।
कार्य पूरा नहीं होने पर डीपीआरओ अभिषेक शुक्ल ने अरजो के पंचायत सचिव पंकज कुमार, सोनबरसा के प्रभाकर सिंह, लंभुआ के गोथुआ जागीपुर के पंचायत सचिव उमेश कुमार, कूरेभार के परवर की पंचायत सचिव अंकिता यादव व वल्लीपुर के सचिव प्रकाश कुमार मिश्र को नोटिस जारी की है। सभी पंचायत सचिवों को एक सप्ताह में नोटिस का जवाब देने के साथ ही 15 दिन में कार्य पूरा कराने को कहा गया है।
सचिवालय के बाहर से कर दिया भुगतान
शासन व विभाग के निर्देश के बाद भी दूबेपुर विकास खंड के उगइपुर ग्राम पंचायत की सचिव करिश्मा गुप्ता ने पंचायत सचिवालय के अलावा अन्यत्र से ग्राम पंचायत के कार्यों का भुगतान कर दिया है। समीक्षा में सेक्रेटरी की ओर से करीब 35 हजार रुपये के भुगतान का मामला सामने आया है। इस पर नाराजगी जताते हुए डीपीआरओ अभिषेक शुक्ल ने करिश्मा गुप्ता को नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा है। साथ ही जून माह का वेतन रोकने का निर्देश दिया है।