सुल्तानपुर। शहर में इन दिनों घर से निकलिए तो कदम-कदम पर जाम से जूझना पड़ता है। इसकी सबसे बड़ी वजह विनियमित क्षेत्र के अफसरों की नाकामी है जिन्होंने व्यावसायिक भवनों के नक्शे में तो पार्किंग बना दी है लेकिन उसे हकीकत में उतार पाने में फेल रहे। ऐसे में ज्यादातर पार्किंगों में दुकानें चल रही हैं और वहां आने वाले सारे वाहन सड़कों पर खड़े होते हैं।
शहर में इन दिनों आम शहरी का एक से दो घंटे जाम के बीच ही गुजर रहे हैं। स्कूल से निकलने वाले बच्चे स्कूल बसों में बेहाल हो रहे हैं। चंद मिनट का रास्ता घंटों में तय हो रहा है। हजारों वाहन जाम में फंसकर जबर्दस्त प्रदूषण फैला रहे हैं। जाम से निपटने के लिए पूरा-पूरा दिन यातायात विभाग के कर्मचारी पसीना बहा रहे हैं। किंतु जिस विभाग की वजह से यह सारी सांसत हो रही है, वह चुप्पी साधे बैठा है।
असल में विनियमित क्षेत्र ने शहर में सैकड़ों ऐसे व्यावसायिक भवनों के नक्शे पास किए हैं जिनके भूतल में बाकायदा पार्किंग दर्शाई गई है लेकिन असल में वहां पार्किंग की जगह दुकानें चल रही हैं। कुछ व्यावसायिक भवन ऐसे हैं जहां दुकानों की संख्या के मुकाबले पार्किंग ही नहीं बनी है।
इस सब को नियंत्रित करने का काम विनियमित क्षेत्र का है किंतु वहां से इन पार्किंगों को खाली कराने की कोई कोशिश नहीं हो रही है जबकि यातायात विभाग की ओर से भी कई बार यह बात बैठकों में रखी जा चुकी है।
बैठकर बनाएंगे योजना : एसडीएम
विनियमित क्षेत्र के नियत प्राधिकारी और एसडीएम सदर चंद्रप्रकाश पाठक कहते हैं कि गोपाल दास पुल का निर्माण हो जाए तो नगर पालिका व सीओ पुलिस के साथ बैठकर पार्किंग खाली कराने की रणनीति बनाई जाएगी। किंतु इतने लंबे समय तक क्या जाम से यों ही जूझना पड़ेगा? इस सवाल पर वे कहते हैं कि जल्द ही योजना बनाई जाएगी। यह काम पहले भी किया जा सकता है।