सुल्तानपुर। आचार संहिता का उल्लंघन करने के मामले में गिरफ्तारी वारंट जारी होने के दूसरे ही दिन पूर्व मंत्री ओपी सिंह समेत सात आरोपियों ने शुक्रवार को कोर्ट में सरेंडर कर दिया। एमपी-एमएलए की विशेष कोर्ट के मजिस्ट्रेट शुभम वर्मा ने आरोपियों के खिलाफ जारी गिरफ्तारी वारंट निरस्त कर दिया है।
वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव के दौरान बिना अनुमति सभा करने के आरोप में 12 जनवरी 2022 को पूर्व मंत्री व बसपा प्रत्याशी ओपी सिंह व उनके कई समर्थकों के खिलाफ पुलिस ने मोतिगरपुर थाने में मुकदमा दर्ज किया था। बृहस्पतिवार को गैरहाजिर रहने पर कोर्ट ने पूर्व मंत्री ओपी सिंह और उनके समर्थक गुरुवचन सिंह, संतोष शर्मा, वीरेंद्र उपाध्याय, केशवानंद, ओम प्रकाश उपाध्याय, अब्दुल रऊफ, वंशराज निषाद, राहुल तिवारी व सूरज उपाध्याय के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी करने का आदेश दिया था।
शुक्रवार को पूर्व मंत्री और उनके समर्थक गुरुवचन सिंह, संतोष शर्मा, वीरेंद्र उपाध्याय, केशवानंद, ओम प्रकाश उपाध्याय व अब्दुल रऊफ ने कोर्ट में सरेंडर कर गिरफ्तारी वारंट निरस्त करने की मांग की। कोर्ट ने आरोपियों के खिलाफ जारी गिरफ्तारी वारंट निरस्त कर जमानतनामा दाखिल करने का आदेश दिया है।
पूर्व सपा विधायक व कांग्रेस जिलाध्यक्ष पर दर्ज केस में हुई गवाही
सुल्तानपुर। कादीपुर के पूर्व सपा विधायक रामचंदर चौधरी व कांग्रेस जिलाध्यक्ष पर दर्ज केस में शुक्रवार को तत्कालीन हेड कांस्टेबल राजेंद्र प्रसाद मिश्र ने गवाही दी। एमपी-एमएलए की विशेष कोर्ट की एडीजे एकता वर्मा ने मामले में अगली सुनवाई के लिए नौ अगस्त की तिथि नियत की है। 17 दिसंबर 2002 को संत तुलसीदास डिग्री कॉलेज कादीपुर के पास सड़क दुर्घटना में छात्रा पूनम श्रीवास्तव की मौत हो जाने पर नाराज लोगों ने सड़क जामकर प्रदर्शन किया था। कादीपुर के तत्कालीन कोतवाल शिवराज सिंह ने पूर्व सपा विधायक रामचंदर चौधरी, कांग्रेस जिलाध्यक्ष अभिषेक सिंह राणा समेत कई लोगों के खिलाफ केस दर्ज कराया था। (संवाद)