बल्दीराय (सुल्तानपुर)। तहसील बल्दीराय से एक सनसनीखेज आरोप सामने आया है। एक अधिवक्ता ने केवल खुद से संबंधित सात फाइलें गायब होने का आरोप लगाते हुए डीएम से शिकायत की है। चर्चा है कि ऐसी सौ से अधिक फाइलें गायब हैं। हालांकि तहसीलदार का कहना है कि रजिस्ट्रार कानूनगो का तबादला होने से कुछ फाइलें हैंडओवर नहीं हुई हैं। रविवार तक सारी फाइलें उपलब्ध हो जाएंगी।
यह सनसनीखेज शिकायत अधिवक्ता मनोज कुमार सिंह ने की है। उन्होंने डीएम को भेजे पत्र में आरोप लगाया है कि नायब तहसीलदार गुलाब सिंह की कोर्ट से उनकी कृष्णा बनाम राधे प्रसाद रैंचा, प्रेमा देवी बनाम प्रताप गौहनिया, राम दयाल बनाम राम पदारथ बरासिन, ज्ञानेंद्र बनाम रमाकांत हैंहनाकला, सुशील कुमार बनाम ज्वाला प्रसाद अरवल, साबित खान बनाम मोहम्मद इसराइल, राम चरण बनाम मंगरू कुल सात फाइलें गायब हैं। उन्होंने कहा कि एसडीएम ने शुक्रवार तक यह फाइलें मिल जाने के प्रति आश्वस्त किया था, किंतु यह फाइलें मिल नहीं पाई हैं। यही नहीं उनका आरोप है कि तहसील में अनाधिकृत रूप प्राइवेट लोग सरकारी काम कर रहे हैं, जिनकी वजह से यह फाइलें गायब हो रही हैं। यही नहीं अधिवक्ताओं में चर्चा है कि करीब 127 फाइलें विभिन्न कोर्ट से गायब हैं।
इस बारे में तहसीलदार अरविंद तिवारी ने कहा कि कोई फाइल कोर्ट से गायब नहीं हुई है। रजिस्ट्रार कानूनगो का प्रमोशन होने के बाद उनका तबादला रायबरेली हो गया है। उनके पास अभी कुछ फाइलें हैं, जो हैंडओवर नहीं हो सकी हैं। रविवार तक वे आकर सारी फाइलें हैंडओवर कर देंगे। निजी रूप से कोई व्यक्ति काम नहीं कर रहा है। केवल आउटसोर्सिंग पर रखे गए दो कर्मचारी ही काम कर रहे हैं।