सुल्तानपुर। जिले की ग्राम पंचायत फतेहपुर संगत की अंतिम जांच में फिर करीब सवा आठ लाख रुपये का घोटाला पकड़ा गया है। इस मामले में ग्राम प्रधान, पंचायत सचिव और आरईएस के जेई भी सह आरोपी पाए गए हैं। डीएम ने नोटिस जारी करते हुए 15 दिन में ग्राम प्रधान से जवाब मांगा है।
जयसिंहपुर विकास खंड की फतेहपुर संगत ग्राम पंचायत की अंतिम जांच में भी वित्तीय अनियमितता की पुष्टि हुई है। शारदा सहायक खंड-49 के अधिशाषी अभियंता और जिला विद्यालय निरीक्षक की जांच में करीब आठ लाख 20 हजार रुपये की वित्तीय अनियमितता पकड़ी गई है। दो सदस्यीय टीम की जांच में पाया गया है कि सक्षम स्तर से स्वीकृति के अभाव व गलत निविदा प्रक्रिया अपना कर हैंडपंप रिबोर, इंटरलॉकिंग निर्माण व ह्यूम पाइप खरीद में करीब सवा आठ लाख की वित्तीय अनियमितता कर डाली गई। हैंडपंप रिबोर में करीब एक लाख 54 हजार, एक इंटरलॉकिंग में दो लाख 49 हजार, दूसरी इंटरलॉकिंग में दो लाख 74 हजार और ह्यूम पाइप खरीद में एक लाख 42 हजार रुपये का घोटाला प्रधान नीलम देवी, पंचायत सचिव संगीता पाल ने भुगतान में कर डाला।
इसमें ग्रामीण अभियंत्रण सेवा के जेई राजकिशोर भी सह आरोपी पाए गए हैं। संयुक्त अधिकारियों की जांच में डीपीआरओ की ओर से पूर्व में की गई जांच की पुष्टि हुई है। रिपोर्ट मिलने पर निलंबित ग्राम प्रधान नीलम से डीएम ने 15 दिन के भीतर जवाब मांगा है। सही जवाब समय से नहीं मिलने पर बर्खास्तगी की चेतावनी दी है। साथ ही पंचायत सचिव संगीता पाल और आरईडी के अवर अभियंता राज किशोर के खिलाफ भी डीएम ने कार्रवाई का निर्देश दिया है। गांव में प्रधान के निलंबन के बाद तीन सदस्यीय टीम कार्यों का संचालन कर रही है। डीपीआरओ अभिषेक शुक्ल ने कहा कि सही जवाब समय पर नहीं मिलने पर ग्राम प्रधान को निलंबित करते हुए अन्य के खिलाफ कार्रवाई होगी।