गोपीनाथपुर गांव में पोते के साथ संतराम।
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सुल्तानपुर। चार दिन पूर्व नीलांचल एक्सप्रेस में यात्रा के दौरान सब्बल घुसने से हादसे के शिकार हुए हरिकेश के बेटे अयांश का जन्मदिन मंगलवार को गमगीन माहौल में बीता। चार साल के बेटे को जन्मदिन पर पापा का इंतजार था। वह बार-बार इस बात की रट लगाए रहा कि पापा केक लेकर आते होंगे।
उस मासूम को इस बात का इल्म नहीं था कि अब पापा केक लेकर कभी नहीं आएंगे। घर वालों ने बताया कि हरिकेश ने चार वर्षीय बेटे का जन्मदिन दिल्ली में मनाने की तैयारियां की थीं लेकिन नियति को यह मंजूर नहीं था। जन्मदिन से पहले ही हरिकेश ने दुनिया छोड़ दी।
चांदा क्षेत्र के गोपीनाथपुर गांव निवासी संतराम उर्फ विधायक दुबे के पुत्र हरिकेश दुबे (28) दस दिन पहले ही पत्नी शालिनी और बेटी आर्या (7) और चार वर्षीय बेटे अयांश के साथ दिल्ली नौकरी करने गए थे। हरिकेश ने बेटी और बेटे का वहीं एक स्कूल में एडमिशन करा दिया था। छह दिसंबर को बेटे अयांश का बर्थ डे था।
इसकी तैयारी भी हरिेकेश ने की थी लेकिन होनी को यह मंजूर नहीं था। दो दिसंबर को लखनऊ जा रहे हरिकेश की ट्रेन में सब्बल घुसने से मौत हो गई थी। पति की मौत के बाद पत्नी शालिनी अपने दोनों बच्चों को लेकर गांव आ गई। हरिकेश के पिता संतराम ने मंगलवार को बताया कि आज ही उनके पोते अयांश का बर्थ डे है। पोता बार-बार कह रहा है कि उसके पापा केक लेकर आते होंगे। यह बोलते-बोलते संतराम फफक पड़े। दूसरी तरफ चारपाई पर बैठी हरिकेश की मां निर्मला जवान बेटे की मौत से बेसुध हैं। जमीन पर बैठी शालिनी को ढांढस बंधाने के लिए गांव की महिलाओं का तांता लगा रहा।