सुल्तानपुर। जिले में धान खरीद के सीजन में मिलों पर तैयार हो रहे चावल को रखने की अब जगह नहीं है। स्टॉक इतना ज्यादा हो गया है कि खरीद और धान की कुटाई भी प्रभावित होने लगी है। ऐसे में जिले के विपणन अधिकारियों ने उच्चाधिकारियों को पत्र भेजकर कहा है कि जिले में चावल रखने की अब जगह नहीं है। इसलिए तत्काल दो रैक चावल का उठान करवाएं ताकि आगे चावल व्यवस्थित किया जा सके।
जिले में धान की खरीद का लक्ष्य एक लाख 20 हजार मीट्रिक टन है जिससे कुल 80 हजार मीट्रिक टन चावल तैयार होगा। अब तक हुई धान खरीद से मिलों पर 18 हजार टन चावल तैयार हो चुका है जबकि इतना चावल रखे जाने की ही क्षमता जिले के गोदामों में नहीं है। ऐसे में बाकी चावल की कुटाई करवाने और धान खरीद का काम भी प्रभावित हो रहा है क्योंकि यदि धान खरीदकर मिलों पर पहुंचेंगे तो मिल संचालक चावल कहां ले जाएंगे।
यह स्थिति देखते हुए उप संभागीय विपणन अधिकारी संजय पांडेय ने उच्चाधिकारियों को पत्र भेजा है। उन्होंने बताया कि दो रैक चावल चले जाने के बाद यहां मिलों और गोदामों में स्थान हो जाएगा। जिससे कुटाई का काम तेज कराया जा सकेगा।
21 हजार टन है गोदाम की क्षमता
जिले में चार ही गोदाम हैं जिनकी कुल भंडारण क्षमता 21 हजार टन है। इसी में गेहूं का भी भंडारण किया जाता है। इसके अलावा अलग-अलग मिलर्स को लाट एलाट कर दी जाती है। ऐसे में एक साथ 15 हजार टन चावल रखना भी मुश्किल काम है। इसलिए जिले के अधिकारी अधिक भंडारण हो जाने से परेशान हैं।