सुल्तानपुर। शासन की ओर से घोषित नगर निकाय के अनंतिम वार्ड आरक्षण ने कइयों का खेल बिगाड़ दिया है। नगर पालिका व तीन नगर पंचायतों के वार्ड ओबीसी व एससी के लिए आरक्षित हो जाने से कई दिग्गज बिना मैदान में उतरे ही रेस से बाहर हो गए हैं। इसमें कुछ अपने करीबियों को मौका देने की फिराक में हैं जबकि कई अन्य दूसरा ठिकाना तलाश रहे हैं। कुछ दावेदारों ने आपत्तियों की तैयारी शुरू कर दी है। फिलहाल वार्ड आरक्षण की अनंतिम सूची जारी होने के बाद अधिकतर दावेदार चुनावी की तैयारियों में जुट गए हैं।
नगर पालिका परिषद, वार्ड 25
कई दावेदारों की उम्मीदों पर फिरा पानी
नगर पालिका परिषद के घोसियाना वार्ड को पहली बार अनुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित कर दिया गया है। इस वार्ड से संघ के दिग्गज सुनील श्रीवास्तव लगातार तीन बार चुनाव जीत चुके हैं। पिछली बार वे नजदीकी मामले में चुनाव हार गए थे। इस बार वे फिर चुनावी तैयारी में जुटे थे। वार्ड अनुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित हो जाने पर वे रेस से बाहर हो गए हैं। नगर पालिका का आदर्शनगर वार्ड भी शासन ने पहली बार पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित कर दिया है। इस वार्ड से अनुराग सिंह चुनाव लड़ते आ रहे हैं। मौजूदा समय में वे सभासद भी हैं। वार्ड पिछड़ा वर्ग के खाते में चले जाने से उनके चुनाव लड़ने की मंशा पर पानी फिर गया है। शहर का नवीपुर वार्ड भी पहली बार पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित किया गया है।
इस वार्ड से लगातार तीन बार शोहरत अली व उनकी पत्नी सभासद रहीं। पिछले चुनाव में टीटू सरदार से वे चुनाव हार गए। इस बार फिर मैदान में उतरने की तैैयारी में थे लेकिन वार्ड पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित हो जाने से वे रेस से बाहर हो गए हैं। बताते हैं कि वे बगल के वार्ड से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं। करौंदिया वार्ड से पवन सोनकर व उनकी पत्नी सभासद रह चुकी हैं। वर्ष 2017 में एससी महिला के लिए आरक्षित वार्ड में हुए चुनाव में उन्हें पराजय झेलनी पड़ी। कार्यकाल के दौरान सभासद के निधन के बाद कराए गए उपचुनाव में उनकी पत्नी फिर विजयी हुईं। इस बार महिला के लिए सीट आरक्षित हो जाने के बाद भी वे पत्नी को मैदान में उतारने की तैयारी में लगे हैं।
नगर पंचायत दोस्तपुर, वार्ड-11
तीन बार के विजेता रेस से हुए बाहर
दोस्तपुर। नगर पंचायत के बभनैया पश्चिम वार्ड से क्षेत्र के दिग्गज राजेश तिवारी लगातार तीन बार से चुनाव जीतते आ रहे हैं। इस बार वार्ड पिछड़ी जाति के लिए आरक्षित कर दिया गया। वार्ड आरक्षण से वे चुनाव रेस से बाहर हो गए हैं। अब उनकी नजर चेयरमैन पद पर लगी है। चेयरमैन पद सामान्य होने की दशा में वे मैदान में ताल ठोंक सकते हैं। कजियाना दक्षिणी वार्ड पहली बार अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित होने से सामान्य वर्ग के लोगों का पत्ता कट गया है। मौजूदा सभासद रेस से बाहर हो गई हैं।
नगर पंचायत कादीपुर, वार्ड-10
कई दावेेदार बदल रहे वार्ड
कादीपुर। नगर पंचायत के घोषित वार्ड आरक्षण से कई दावेदारों का खेल बिगड़ गया है। सामान्य वर्ग के कई दावेदार दूसरे वार्डों में संभावना तलाश रहे हैं। नगर पंचायत के निराला नगर वार्ड को इस बार अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित कर दिया गया है। आरक्षण से मौजूदा सभासद का पत्ता कट गया है। अब उनके पति बृजेश बहादुर सिंह शास्त्रीनगर वार्ड से उतरने की तैयारी में हैं। जवाहर नगर वार्ड से मौजूदा समय में मुईद अहमद सभासद हैं। शासन ने इस वार्ड को पिछड़ा वर्ग महिला के खाते में डाल दिया है। ओबीसी महिला वार्ड होने से मुईद अहमद चुनावी रेस से बाहर हो गए हैं। नगर पंचायत का राजेंद्र नगर वार्ड इस बार अनुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित हो गया है। वार्ड आरक्षण से मौजूदा सभासद रामफेर सोनी पटेल नगर से अपनी किस्मत आजमाने की तैयारी में हैं।
नगर पंचायत कोइरीपुर, वार्ड-10
गांधीनगर में सामान्य वर्ग का खेल बिगड़ा
नगर पंचायत कोइरीपुर का गांधीनगर वार्ड पहली बार पिछड़ा वर्ग महिला के लिए आरक्षित किया गया है। पिछड़े वर्ग के लिए आरक्षित होने से सामान्य वर्ग के दावेदारों की उम्मीदों पर पानी फिर गया है। हालांकि 10 वार्डो वाले नगर पंचायत में अन्य वार्डों पर कोई खास प्रभाव नहीं पड़ा है। तीन वार्ड बीच-बीच में आरक्षित व सामान्य होते रहे हैं। आर्यनगर वार्ड पर राम शिरोमणि मौर्य व उनकी पत्नी गुलाबा देवी का लगातार वर्ष 1984 से कब्जा चला आ रहा है। इस बार वार्ड के अनारक्षित रहने से दोनों में से किसी के मैदान में उतरने की संभावना बनी है।
लंभुआ में पहली बार होगा चुनाव
लंभुआ नगर पंचायत का सृजन होने के बाद पहली बार चुुनाव होने जा रहा है। लंभुआ में 15 वार्ड बनाए गए हैं। पंचायत में दो वार्ड अनुसूचित जाति व एक वार्ड एससी महिला के लिए आरक्षित किया गया है। पिछड़ा वर्ग के लिए दो वार्ड व पिछड़ा वर्ग महिला के लिए दो वार्ड आरक्षित हैं। शेष वार्ड महिला व अनारक्षित हैं।
प्रकाशन तिथि से एक सप्ताह तक ली जाएंगी आपत्तियां
एडीएम वित्त एवं राजस्व/नोडल अधिकारी मनोज कुमार पांडेय ने कहा कि वार्ड आरक्षण की अनंतिम सूची के प्रकाशन की तिथि से एक सप्ताह तक आपत्तियां ली जाएंगी। आपत्तियों के निस्तारण के बाद शासन को सूची भेजी जाएगी। इसके बाद अंतिम आरक्षण सूची प्रकाशित होगी।