सुल्तानपुर। किशोरी का अपहरण कर दुष्कर्म करने के मामले में सोमवार को पॉक्सो एक्ट की विशेष अदालत के न्यायाधीश पवन कुमार शर्मा ने मुख्य आरोपी को दोषी करार देते हुए 20 वर्ष की कैद व 50,000 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। सजा सुनते ही मुख्य दोषी चक्कर खाकर कोर्ट में गिर पड़ा। कोर्ट ने अपहरण में सहयोग करने के आरोप में उसके चचेरे भाई को तीन वर्ष की कैद व 10,000 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।
सरकारी वकील विवेक सिंह के मुताबिक मुंशीगंज थाना क्षेत्र के एक गांव की अनुसूचित जाति की किशोरी को 10 जनवरी 2020 को नौकरी का झांसा देकर आरोपी अशोक दुबे व उसके चचेरे भाई सुभाष दुबे ने अपहरण कर लिया था। अशोक ने किशोरी को वाराणसी ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया था।
पुलिस ने पीड़िता की मां की तहरीर पर दोनों के खिलाफ केस दर्ज किया था। मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से पांच गवाह कोर्ट में पेश किए गए। सोमवार को कोर्ट ने मुख्य आरोपी अशोक दुबे को दोषी करार देते हुए 20 वर्ष की कैद व 50,000 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाकर जेल भेजने का आदेश दिया।
अदालत ने अशोक के चचेरे भाई सुभाष दुबे को अपहरण में सहयोग करने का दोषी पाते हुए तीन वर्ष की कैद व 10,000 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। वहीं फैसला होने के बाद चक्कर खा कर गिरे मुख्य दोषी के परिजन रोने लगे। थोड़ी देर बाद स्थिति कुछ सामान्य होने पर उसे जेल भेजा गया।