सुल्तानपुर। किशोरी का अपहरण कर दुष्कर्म करने के मामले में पॉक्सो एक्ट की विशेष अदालत के न्यायाधीश पवन कुमार शर्मा ने सोमवार को आरोपी को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोषी पर 60 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। अदालत ने दोषी के पिता को गाली देकर धमकाने के आरोप में एक वर्ष की कैद व एक हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माने की आधी रकम पीड़िता को मिलेगी।
विशेष लोक अभियोजक रमेशचंद्र सिंह के मुताबिक कोतवाली देहात थाने के एक गांव की किशोरी 14 मई 2020 को मां के साथ दवा लेने जा रही थी। रास्ते में कोतवाली देहात थाने के ग्राम गौतम का पुरवा भदैंया निवासी धीरेंद्र प्रताप उर्फ धीरू ने तमंचे के बल पर उसका अपहरण कर लिया था।
आरोपी ने किशोरी को अज्ञात स्थान पर ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया था। किशोरी के परिजनों ने आरोपी के घर जाकर शिकायत की तो आरोपी के पिता खुशीराम ने गाली देते हुए धमकाया था। दूसरे दिन आरोपी के चंगुल से छूटने के बाद किशोरी अपने घर पहुंची और घटना के बारे में परिजनों को जानकारी दी थी।
पुलिस ने किशोरी के पिता की तहरीर पर आरोपी धीरेंद्र प्रताप उर्फ धीरू के खिलाफ अपहरण कर दुष्कर्म करने और आरोपी के पिता खुशीराम के खिलाफ गाली देकर धमकाने के आरोप में केस दर्ज किया था।
मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से छह गवाह कोर्ट में पेश किए गए। सोमवार को कोर्ट ने आरोपी धीरेंद्र प्रताप उर्फ धीरू को अपहरण व दुष्कर्म करने और उसके पिता खुशीराम को गाली देकर धमकाने का दोषी मानते हुए सजा सुनाई है।
कोर्ट के आदेश पर तीन माह बाद दर्ज हुआ था केस
अपहरण व दुष्कर्म जैसे संगीन अपराध में भी पुलिस ने केस नहीं दर्ज किया था। केस दर्ज कराने के लिए पीड़िता के पिता ने कोर्ट की शरण ली थी। सरकारी वकील रमेशचंद्र सिंह बताते हैं कि पॉक्सो एक्ट की विशेष कोर्ट के आदेश पर घटना के तीन माह बाद पुलिस ने 26 सितंबर 2020 को आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया था।