- पुलिस से न्याय न मिलने पर 18 जून को खुद को लगा ली थी आग
- गोसांईगंज क्षेत्र का मामला, दो माह की गर्भवती थी पीड़िता
संवाद न्यूज एजेंसी
जयसिंहपुर/ गोसांईंगंज। गोसाईंगंज थानाक्षेत्र के एक गांव की दुष्कर्म पीड़िता की आत्मदाह के प्रयास के नौवें दिन मंगलवार को इलाज के दौरान लखनऊ में मौत हो गई। उसकी मौत से परिवार में कोहराम मचा गया है। गोसाईंगंज थानाक्षेत्र के एक गांव की युवती के साथ दो बच्चों के पिता का प्रेम- प्रसंग चल रहा था। आरोप है कि युवती को शादी का झांसा देकर युवक ने उसके साथ दुष्कर्म किया था। इसी बीच युवती दो माह की गर्भवती हो गई थी। पीड़िता ने जब युवक से शादी के लिए कहा तो उसने मना कर दिया था। इसे लेकर पीड़िता ने थाने में शिकायत की थी। पुलिस ने मामला रफा-दफा करवा दिया था। इससे क्षुब्ध होकर उसने 18 जून की सुबह आग लगाकर आत्महत्या की कोशिश की। उसे मेडिकल कॉलेज ले जाया गया जहां से ट्राॅमा सेंटर, लखनऊ रेफर कर दिया गया। मंगलवार सुबह युवती ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
पुलिस की लापरवाही से टूट गई थी पीड़िता
पूरे प्रकरण में गोसाईंगंज थाना पुलिस की भूमिका सवालों के घेरे में है। यदि पीड़िता की तहरीर पर पुलिस मुकदमा दर्ज कर लेती तो शायद यह नौबत न आती। पुलिस ने मामले को रफा दफा कर दिया था। ऐसे में हारकर पीड़िता ने आत्मदाह का रास्ता चुना। इसके बाद पुलिस हरकत में आई और उसने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। साथ ही उसे गिरफ्तार भी कर लिया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी।
घटनाक्रम
- 17 जून को युवती ने थाने में दी थी तहरीर। पुलिस ने समझौता कराकर नहीं दर्ज किया था केस।
-18 जून को युवती ने खुद को किया था आग के हवाले।
- 19 जून की सुबह मेडिकल कॉलेज से ट्रामा सेंटर किया गया रेफर।
- 19 जून की शाम पीड़िता पिता की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ दर्ज हुआ केस।
-20 जून को पुलिस ने आरोपित को किया गिरफ्तार।
- 27 जून को ट्राॅमा सेंटर, लखनऊ में हुई युवती की मौत।