सुल्तानपुर। मेडिकल कॉलेज के महिला अस्पताल में डॉक्टरों और स्टाफ की बेरहमी के चलते गर्भवती बच्चे को जन्म देने से पहले ही जान गंवा बैठी। अस्पताल में भर्ती महिला बुधवार को पूरी रात चीखती रही, परिजन डाॅक्टरों और स्टाफ से चिरौरी करते रहे फिर भी कोई झांकने तक नहीं आया। आखिरकार बृहस्पतिवार की भोर उसकी मौत हो गई। इसके बाद प्राचार्य ने दो डॉक्टरों व चार पैरामेडिकल स्टाफ को निलंबित कर दिया।
गोसाईगंज थाना क्षेत्र के कटघरा गांव के सुनील वर्मा गुजरात के सूरत शहर में नौकरी करते हैं। उनकी 30 वर्षीय पत्नी अंबालिका गर्भवती थीं। प्रसव पीड़ा शुरू होने पर बुधवार रात करीब 11 बजे अंबालिका को लेकर परिजन मेडिकल कॉलेज के महिला अस्पताल पहुंचे।
परिजनों के अनुसार वहां पर डॉक्टरों ने कह दिया कि रात के समय प्रसव नहीं कराया जाएगा। यह काम सुबह ही होगा। यहां तक कि महिला को बेड तक नहीं दिया गया और वह फर्श पर लिटा दी गई।
उधर, अंबालिका प्रसव पीड़ा से बुरी तरह छटपटाते हुए चीखती रही। सास चंद्रावती व ससुर रामकेश दौड़-दौड़कर डॉक्टरों और स्टाॅफ के पास जाते और एक बार देख लेने की चिरौरी करते लेकिन स्टाफ उन्हें भगा देता। डॉक्टर से लेकर स्टाफ तक चैन की नींद सोते रहे।
बृहस्पतिवार की भोर करीब 3:30 बजे परिजनों ने देखा कि अंबालिका का शरीर एकदम ठंडा पड़ चुका था। यह बताने पर भी डॉक्टर नहीं आए किंतु किसी स्टाफ ने चेक करके बताया कि महिला की मौत हो चुकी है।
इसके बाद अस्पताल में हंगामा मच गया। परिजनों के साथ आए सैदपुर गांव के प्रधान ने इस बात की सूचना मीडियाकर्मियों को दे दी। कुछ ही देर में पूरे मामले का वीडियो वायरल होने लगा। हंगामा ज्यादा बढ़ा तो प्राचार्य डॉ. सलिल श्रीवास्तव ने अस्पताल पहुंचकर पड़ताल की। उन्होंने ड्यूटी पर तैनात दो डॉक्टरों के अलावा चार पैरामेडिकल स्टाफ को निलंबित कर दिया।
स्वास्थ्य विभाग और मजिस्ट्रेट करेंगे जांच
प्राचार्य डॉ. सलिल श्रीवास्तव ने घटना को बेहद गंभीर बताते हुए कहा कि इस मामले में छह लोगों को निलंबित किया जा चुका है। इन लोगों के खिलाफ सीएमओ की ओर से स्वास्थ्य विभाग की टीम जांच करेगी। इसके साथ ही जिलाधिकारी को पत्र भेजकर इस घटना की मजिस्ट्रेटी जांच का भी आग्रह किया गया है। उन्होंने कहा कि जांच तक ही ये सभी निलंबित हैं, रिपोर्ट आने के बाद जरूरत पड़ने पर पुलिस कार्रवाई भी की जाएगी।
उच्चस्तरीय जांच कराएं, कार्रवाई करें : मेनका
इस मामले में सांसद मेनका गांधी ने डिप्टी सीएम बृजेश पाठक को पत्र भेजा। लिखा है कि घटना चिकित्सकीय लापरवाही के कारण हुई है। पहले भी ऐसी लापरवाही की शिकायतें आती रहीं हैं। इसलिए घटना की उच्चस्तरीय जांच कराएं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें। सांसद ने पीड़िता के परिजनों से फोन पर वार्ता कर सांत्वना दी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कराने के लिए आश्वस्त किया। मीडिया प्रभारी विजय सिंह रघुवंशी ने यह जानकारी दी। कहा कि पत्र की प्रतिलिपि डीएम को भी भेजी गई है।