सुल्तानपुर। जिला उद्यान विभाग की ओर से सोमवार को शहर से सटे अमहट स्थित राजकीय अलंकृत उद्यान में आलू का फाउंडेशन बीज वितरण किया गया। किसानों ने आलू का अच्छा बीज समझकर खरीदारी की। घर पहुंचने पर जब 50 किलो की बोरी को खोला तो उसमें अधिकांश किसानों को 30 से 35 किलो आलू का बीज सड़ा मिला। सड़ा आलू देखने पर किसानों के होश उड़ गए। किसानों ने शिकायत जिलाधिकारी से की है।
उद्यान विभाग के आलू बीज का किसान इंतजार करते हैं। किसानों का ऐसा मानना है कि विभाग की ओर से दिये जाने वाले आलू के फाउंडेशन बीज में पैदावार अधिक होती है। विभाग को शासन से 100 क्विंटल आलू बीज की आपूर्ति की गई थी। रविवार को आलू का बीज आ गया।
सोमवार की सुबह 10 बजे अमहट स्थित अलंकृत उद्यान में आलू खरीदने के लिए किसानों की भीड़ जमा हो गई। घर पर आलू लेकर पहुंचे किसानों ने बोरी खोलकर पलटा तो उसमें ज्यादातर आलू सड़ा हुआ पाया गया। सड़ा आलू देखकर किसान ठगा महसूस करने लगे।
किसानों ने बयां किया दर्द
मोतिगरपुर क्षेत्र के गोरसरा गांव निवासी किसान अजय वर्मा सोमवार को 50 किग्रा. की दो बोरी सफेद आलू का बीज घर लेकर आए। प्रति बोरी उन्होंने 1385 रुपये भुगतान दिया। घर पहुंचने पर उन्होंने बोरी खोलकर बीज को बाहर निकाला तो उनके होश उड़ गए। बताया कि एक बोरी में करीब 35 किग्रा. आलू के बीज सड़े निकले। पारसपट्टी गांव के किसान अशोक वर्मा, राकेश वर्मा, साबरमती व केवल वर्मा ने बताया कि उन्होंने भी एक-एक बोरी सफेद आलू का बीज लाए थे।
अधिकतर बीज पूरी तरह से सड़े हुए थे। हांसापुर गांव निवासी किसान कपिलदेव सिंह और विवेक पांडेय को भी 50 प्रतिशत से अधिक आलू का बीज सड़ा हुआ मिला। इसी गांव के किसान अंकित और अखिलेश ने बताया कि सड़ा हुआ आलू का बीज वितरित किया जाना किसानों के साथ धोखा है।
किसानों का आरोप निराधार: डीएचओ
सफेद आलू का ओवरसाइज बीज काटकर बाेया जाता है। इसमें मामूली सड़ने की बात सही हो सकती है। एक बाेरी आलू में 30 से 35 किलो आलू सड़ने का किसानों की ओर से लगाया गया आरोप निराधार है। यदि इस तरह का प्रकरण आता है तो किसान के घर जाकर आलू की जांच कराई जाएगी।
- रणविजय सिंह, जिला उद्यान अधिकारी।