पेंशनर दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में मौजूद अधिकारी।
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सुल्तानपुर। पुरानी पेंशन की मांग को लेकर भले ही कर्मचारी आंदोलित हों, लेकिन यहां भी टेंशन कम नहीं है। 60 वर्ष की उम्र तक विभिन्न विभागों में अपनी सेवाएं देने वाले कर्मचारियों के रिटायर होते ही बाबुओं से लेकर अफसर तक एक झटके में उन्हें बेगाना कर देते हैं। कभी साथ काम करने वाले कर्मचारियों तक का व्यवहार उनके प्रति रूखा हो जाता है। उन्हें कोर्ट के आदेश तक की फिक्र नहीं होती। अपनी मेहनत के पैसे के भुगतान के लिए कर्मचारी घूस तक मांगने में नहीं हिचकते। शनिवार को पेंशनर्स दिवस में ऐसे कई मामले सामने आए, जिसमें सेवानिवृत्त कर्मचारी अपने पेंशन समेत अन्य देयकों के लिए लंबे समय से विभाग के चक्कर लगा रहे हैं।
दोस्तपुर क्षेत्र के गोसैसिंहपुर गांव निवासी कृपाशंकर पांडेय बाल विकास विभाग में चालक के पद पर कार्यरत रहे। वर्ष 2016 में वे सेवानिवृत्त हो गए। उसके बाद वे अपनी पेंशन व अन्य देयकों की मांग विभाग से करते रहे लेकिन तीन वर्ष तक अधिकारियों ने उनकी एक नहीं सुनी। पेंशनर्स दिवस में पहुंचे कृपाशंकर पांडेय ने बताया कि उनसे भुगतान के लिए कभी साथ कम करने वाले एक लिपिक ने घूस मांगा। घूस नहीं देने पर उनका भुगतान नहीं किया गया। मजबूरन उन्हें हाईकोर्ट की शरण लेनी पड़ी। आदेश के बाद भी उनके देयकों का भुगतान नहीं किया गया। आदेश की अवमानना पर हाईकोर्ट ने तीन दिन के भीतर देयकों का भुगतान करने आदेश दिया। इसके बाद विभाग ने उनके देयकों का भुगतान कर दिया लेकिन 46,888 रुपये टीडीएस के बहाने काट लिया।
टीडीएस की छानबीन में पता चला कि सरकार के खाते में कोई पैसा गया ही नहीं है। यदि घूस का पैसा दिया होता तो पूरा भुगतान हो गया होता। पेंशनर्स दिवस पर अपनी शिकायत रखते हुए अपने बकाया देयक का भुगतान कराने के साथ संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। शारदा सहायक खंड-16 से वर्ष 2018 में सींचपाल पद से सेवानिवृत्त राम केवल अनंतिम पेंशन से अंतिम पेंशन भुगतान के लिए चार वर्ष से चक्कर लगा रहे हैं। उन्होंने बताया कि अंतिम पेंशन बन जाय तो उन्हें करीब आठ लाख रुपये मिल जाएंगे लेकिन विभाग के कर्मचारी व अधिकारी दौड़ा रहे हैं। उनकी ग्रेच्युटी रोक ली गई है। इसी विभाग में सींचपाल पद से वर्ष 2016 में सेवानिवृत्त जनार्दन पांडेय सर्विस के समय से ही ग्रेच्युटी के लिए दौड़ रहे हैं। उसका लाभ नहीं मिलने से उन्हें पेंशन कम मिल रही है। उन्होंने बताया कि प्रतिमाह उन्हें पेंशन के रूप में करीब साढ़े चार हजार रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है।
कई बार प्रार्थना पत्र देने के बाद भी विभाग के लोग समस्या का निस्तारण नहीं कर रहे हैं। पंचायतराज विभाग से सेक्रेटरी के पद से वर्ष 2017 में सेवानिवृत्त होने के बाद देव प्रकाश सिंह के देयकों का भुगतान विभाग में लंबित है। अधिकारियों के आदेश के बाद भी विभाग सुनवाई नहीं कर रहा है। पेंशनर्स दिवस पर कार्यक्रम में पहुंचे सीडीओ अंकुर कौशिक ने पेंशनरों की समस्याएं जल्द दूर कराने का आश्वासन दिया।
समस्याओं को सुनने के बाद कहा कि पेंशनरों की सुनवाई के लिए उनका दरवाजा खुला है। पेंशनर्स दिवस पर संगठन के अध्यक्ष घनश्याम श्रीवास्तव ने पेंशनरों की समस्याएं रखीं। वरिष्ठ कोषाधिकारी अरविंद कुमार समेत अन्य ने पेंशनरों को जानकारियां दी। इस मौके पर विभिन्न विभागों के आहरण-वितरण अधिकारी भी मौजूद रहे।