बल्दीराय (सुल्तानपुर)। सांसद मेनका गांधी की मौजूदगी में शनिवार को तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में सिर्फ एक शिकायत का निस्तारण हो सका। लापरवाही पर उन्होंने कई अधिकारियों को फटकार लगाई। इसके साथ ही अधिकारियों को प्रार्थना पत्रों का तुरंत निस्तारण कराते हुए लोगों की समस्याएं दूर करने का निर्देश दिया।
तहसील के समाधान दिवस में पहली बार पहुंचीं सांसद ने जिला पंचायत अध्यक्ष ऊषा सिंह, डीएम जसजीत कौर, एसपी सोमेन बर्मा, सीडीओ अंकुर कौशिक समेत अन्य अधिकारियों के साथ बैठकर शिकायतों की सुनवाई की। उन्होंने बीहीनिदूरा गांव में कोटेदार की ओर से राशन न देने पर सप्लाई इंस्पेक्टर को फटकार लगाई। इंस्पेक्टर पर दायित्वों का निर्वहन न करने का भी आरोप मढ़ा।
बहुरावां बाजार निवासी अवधेश अग्रहरि की शिकायती पत्र पर तुरंत बिजली का केबल बदलने का निर्देश दिया। समाधान दिवस में उनकी करीब डेढ़ घंटे की मौजूदगी में सिर्फ एक शिकायत का ही निस्तारण हो सका। दिवस में कुल 136 शिकायतें आईं। डीएम ने संबंधित विभागों को शिकायतों को निस्तारित करने का निर्देश दिया। एसडीएम विदुषी सिंह ने बताया कि सभी अधिकारियों को शिकायतें प्राप्त करा दी गई हैं।
विपक्षियों ने दो बार जला दिया घर
तहसील क्षेत्र के पूरे जोरई मिझूठी निवासी हनुमान प्रसाद ने आरोप लगाया कि विपक्षियों ने दो बार उनका घर जला दिया। थाने पर शिकायत करने पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। एसपी ने मामले की जांच कर कार्रवाई का निर्देश दिया।
किसी योजना का नहीं मिल पाया लाभ
क्षेत्र के भोला पांडेय का पुरवा मजरे सोरावं निवासी दिव्यांग अखिलेश ने आरोप लगाया कि उन्हें किसी भी योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। कई बार बैटरी चालित ट्राई साइकिल व आवास के लिए प्रार्थना पत्र दिया लेकिन सुनवाई नहीं हुई।
प्रधानाध्यापक पर लगाया आपराधिक प्रवृत्ति का आरोप
सैनी गांव निवासी राजेंद्र प्रसाद ने ग्रामीणों का हस्ताक्षरयुक्त प्रार्थना पत्र देते हुए प्राथमिक विद्यालय के एक प्रधानाध्यापक पर आपराधिक प्रवृति का होने का आरोप लगाया। कहा कि प्रधानाध्यापक के रहते हुए आए दिन विवाद व बवाल हो रहा है। इस वजह से गांव का माहौल खराब हो रहा है।
मौके पर नहीं गए नायब तहसीलदार
दुर्गापुर निवासी जगत ने प्रार्थना पत्र देते हुए आरोप लगाया कि उसके आवासीय पट्टे की भूमि पर लोगों ने कब्जा कर लिया है। एसडीएम ने नायब तहसीलदार की पांच सदस्यीय टीम गठित करते हुए आख्या मांगी थी। एक माह बीतने के बाद भी नायब तहसीलदार मौके पर नहीं गए।