सुल्तानपुर जिला अस्पताल में ओपीडी के सामने परेशान मरीज।
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सुल्तानपुर। रविवार की छुट्टी के बाद सोमवार को जिला अस्पताल की ओपीडी बेपटरी हो गई। जिला अस्पताल के तीन फिजीशियन में एक डेंगू पीड़ित हो गए हैं जबकि दूसरे विभागीय काम से लखनऊ चले गए थे। ऐसे में एकमात्र चिकित्सक पर ही बुखार से पी ड़ित मरीजों को देखने का सारा दारोमदार रहा। जिला अस्पताल में सर्दी बुखार से पीड़ितों की भारी भीड़ रही। कुल साढ़े 13 सौ मरीजों की ओपीडी के बाद भी तमाम मरीजों को चिकित्सकों को बिना दिखाए लौटना पड़ा।
जिला अस्पताल में वर्तमान समय में तीन फिजीशियन हैं। इनमें डॉ. अनिल कुमार, डॉ. राम धीरेंद्र और डॉ. अविनाथ चंद्र गुप्ता हैं। डॉ. अनिल कुमार डेंगू से पीड़ित हैं। जिला अस्पताल में ही उनका इलाज चल रहा है। सोमवार को डॉ. राम धीरेंद्र विभागीय काम से लखनऊ गए थे। सुबह आठ बजे डॉ. अविनाथ चंद्र गुप्ता जिला अस्पताल में राउंड करने निकल गए। इस बीच ओपीडी के सामने मरीजों की भीड़ बढ़ती गई। बड़ी संख्या में पहुंचे मरीज चिकित्सक की तलाश में इधर-उधर भटकते नजर आए। कोई यह बताने वाला तक नहीं था कि कौन से फिजीशियन अपनी ओपीडी करेंगे और किसकी ओपीडी खाली रहेगी। अहिमाने के ननकऊ सिंह ने बताया कि दो दिन से बुखार आ रहा है।
चिकित्सक को दिखाने के लिए साढ़े नौ ही बजे जिला अस्पताल पहुंच गए थे। दो घंटे हो गए हैं। फिजीशियन की ओपीडी खाली है। करौंदिया की सुषमा भी बुखार से बेहाल दिखीं। बताया कि काफी देर से चिकित्सक का इंतजार कर रहे हैं। अमहट निवासी शादाह हुसैन सोमवार की सुबह जिला अस्पताल में फिजीशियन चिकित्सक को दिखाने पहुंचे थे। शादाब ने बताया कि एक भी ओपीडी में फिजीशियन चिकित्सक नहीं बैठे हैं। हर ओपीडी में जाकर पूछ रहा हूं कि फिजीशियन चिकित्सक कहां है? कोई बताने वाला भी नहीं है। दोपहर करीब 12 बजे डॉ. अविनाथ चंद्र गुप्ता अपने ओपीडी संख्या एक में पहुंचे और मरीजों को देखना शुरू किया। इस बीच करीब ढाई घंटे से उनका इंतजार कर रहे तमाम मरीज लौट चुके थे। इसके बाद भी उनके यहां मरीजों की लंबी कतार लगी रही। डॉ. अविनाथ चंद्र गुप्ता ने बताया कि वे सुबह आठ से 12 बजे तक अस्पताल में भर्ती मरीजों को देखने के लिए राउंड पर थे। राउंड की वजह से ओपीडी विलंब से शुरू हुई।
तीन महीने से बंद अल्ट्रासाउंड
जिला अस्पताल में तैनात रेडियोलॉजिस्ट डॉ. शारदा रंजन का तीन महीने पहले गैर जनपद तबादला हो गया था। तबसे यहां किसी रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती नहीं हुई। सीएमएस डॉ. एससी कौशल से लेकर सांसद मेनका गांधी तक ने शासन से रेडियोलॉजिस्ट की मांग की लेकिन अभी किसी की तैनाती नहीं हो पाई है। रेडियोलॉजिस्ट के अभाव में जिला अस्पताल के चिकित्सक जरूरतमंद को भी अल्ट्रासाउंड नहीं लिख रहे हैं। किसी के मरीज के बहुत दबाव के बाद ही चिकित्सक अल्ट्रासाउंड लिखते हैं। मजबूरी में मरीज को बाहर पैसे देकर अल्ट्रासाउंड कराना पड़ता है। इस संबंध में सीएमएस डॉ. एससी कौशल ने बताया कि रेडियोलॉजिस्ट के लिए लगातार शासन से पत्राचार किया जा रहा है।