सुल्तानपुर। शहर समेत ग्रामीण क्षेत्र के चार उपकेंद्र सुबह बंद कर दिए जाने से उमसभरी गर्मी में करीब एक लाख आबादी परेशान रही। दोपहर में तीन उपकेंद्रों पर आपूर्ति बहाल होने के बाद लोगों को राहत मिल सकी। हालांकि ग्रामीण क्षेत्र के एक उपकेंद्र पर शाम को बिजली आपूर्ति दी गई। विद्युत वितरण निगम ने बंदी के दौरान विभिन्न कार्य कराए जाने की बात कही है।
शहर के दरियापुर, टीपीनगर उपकेंद्र को तारों पर लटकी पेड़ों की डालों की कटाई व ढीले तार को दुरुस्त करने के लिए रविवार की सुबह करीब सात बजे बंद कर दिया गया। पारेषण से दोनों उपकेंद्रों के लिए सुबह सात से 11 बजे तक शटडाउन लिया गया था। इस दौरान पेड़ों की डालों की कटाई के साथ ही अन्य कार्य कराया गया। दोनों उपकेंद्रों की आपूर्ति करीब साढ़े 11 बजे दिन में बहाल की गई। इसी के साथ ही अंडर ग्राउंड केबल डालने के लिए ग्रामीण क्षेत्र का कूरेभार उपकेंद्र सुबह आठ बजे बंद कर दिया गया। शटडाउन लेकर करीब 12 बजे तक अंडरग्राउंड केबल डालने का कार्य कराया गया। इसके बाद बिजली आपूर्ति बहाल की गई।
ग्रामीण क्षेत्र के धम्मौर विद्युत उपकेंद्र को रविवार सुबह सात से शाम पांच बजे तक शटडाउन लेकर बंद कर दिया गया। इस बीच हाईटेंशन लाइन से छूने वाले पेड़ों की छटाई का कार्य कराया गया। निगम के अफसरों ने बताया कि सड़क किनारे खड़े पेड़ों की वजह से आए दिन तारों में स्पार्किंग हो रही थी। इससे बिजली व्यवस्था प्रभावित हो जाती थी। कार्य के दौरान धम्मौर विद्युत उपकेंद्र से जुड़े करीब 100 गांवों में विद्युत आपूर्ति ठप रही। इससे लोग गर्मी में बेहाल हो गए।
शाम साढ़े पांच बजे सप्लाई शुरू होने के बाद लोगों को राहत मिली। तीन उपकेंद्रों के सुबह से दोपहर तक करीब चार घंटे बंद किए जाने और एक उपकेंद्र को शाम पांच बजे तक बंद रहने से इससे जुड़ी करीब एक लाख से अधिक आबादी उमस से परेशान रही। एक्सईएन द्वितीय अरुण कुमार ने बताया कि शटडाउन लेकर कुछ जरूरी कार्य कराए गए। इसके बाद आपूर्ति बहाल की गई।