मोतिगरपुर (सुल्तानपुर)। थाना क्षेत्र के दियरा (कोड़रिया) गांव के संविदा लाइनमैन की शुक्रवार को ट्राॅमा सेंटर लखनऊ में इलाज के दौरान मौत हो गई। शनिवार देर शाम शव पैतृक गांव पहुंचने पर परिवार में चीख-पुकार मच गई। निगम की ओर से मांग माने जाने पर पीड़ित परिवार ने रात में दियरा घाट पर शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
विद्युत उपकेंद्र दियरा के मोतिगरपुर फीडर पर छह जून को बेलवारी गांव की लाइन ठीक करते समय मोतिगरपुर थाना क्षेत्र के दियरा (कोड़रिया) निवासी मोनू गौतम हाईटेंशन लाइन की चपेट में आकर झुलस गए थे। गंभीर हालत में उन्हें ट्राॅमा सेंटर लखनऊ रेफर किया गया था। शुक्रवार को ट्रॉमा सेंटर में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। शनिवार को लखनऊ में ही पोस्टमार्टम के बाद रात आठ बजे शव गांव पहुंचा।
थानाध्यक्ष मोतिगरपुर ज्ञानचंद शुक्ल ने उनके पिता सीताराम, पत्नी राजपति व सगे-संबंधियों की बात विद्युत निगम के अधिकारियों से करवाई। अधिकारियों के आश्वासन पर परिजन अंतिम संस्कार को राजी हुए। अवर अभियंता दियरा अनिल यादव ने विभागीय कर्मियों की तरफ से 50 हजार रुपये की सहायता राशि मृतक की पत्नी को दी है। पुलिस ने मृतक की पत्नी राजपति की तहरीर पर घटना की प्राथमिकी दर्ज की है।
इसके बाद रात 10 बजे दियरा घाट पर परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया। इस दौरान मोतिगरपुर पुलिस, उपकेंद्र दियरा के सभी विद्युत कर्मियों के साथ अन्य लोग मौजूद रहे।मृतक मोनू के परिवार में पत्नी राजपति के अलावा दो बेटियां लक्ष्मी और आरती है। दो बेेटियों के सिर से पिता का साया छिन गया। इससे पूरा परिवार सदमे में है।