सुल्तानपुर। सुल्तानपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर तीन पर शुक्रवार दोपहर चलती ट्रेन से उतरते समय पैर फिसलने से पिता प्लेटफाॅर्म और ट्रेन के बीच में आ गया। पिता को घिसटते देख पुत्र ने उसे बचाने का प्रयास किया। प्लेटफार्म पर मौजूद लोगों ने शोर मचाया। आरपीएफ कर्मियों व लोगों ने पिता-पुत्र को खींचकर प्लेटफाॅर्म पर किया। घायल पिता-पुत्र को जीआरपी व आरपीएफ के वाहन से मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया।
शुक्रवार दोपहर दोस्तपुर थानाक्षेत्र के भिलमपुर गांव निवासी राम बहादुर (60) अपने पुत्र सोनू कुमार (34) के साथ सुल्तानपुर स्टेशन पर लुधियाना जाने के लिए पहुंचा था। सोनू जनरल टिकट ले रहा था कि तभी किसी ने कहा कि लुधियाना जाने वाली ट्रेन प्लेटफाॅर्म तीन से निकल रही है।
इस पर दोनों बाप-बेटे चलती हुई दुर्ग नौतनवा एक्सप्रेस पर दौड़कर चढ़ गए। जब उन्हें पता चला कि वे गलत ट्रेन में चढ़ गए हैं तो चलती ट्रेन से उतरने लगे। इसी दौरान राम बहादुर का पैर फिसलकर ट्रेन व प्लेटफाॅर्म के बीच फंस गया। सोनू पिता को पकड़ने लगा। इस दौरान ट्रेन करीब तीस मीटर तक चल चुकी थी। मौके पर मौजूद लोगों ने शोर मचाया। आरपीएफ के पवन सिंह व रामबली सिंह और आसपास के यात्रियों ने पिता-पुत्र को ऊपर खींचा।
घायल सोनू ने बताया कि हमको लुधियाना जाना था लेकिन ये गलती से दुर्ग-नौतनवा ट्रेन में चढ़ गए। इस बीच ट्रेन चल दी। ट्रेन से उतरने के दौरान पिता का पैर फिसल गया। पिता को बचाने के प्रयास में मैं भी घायल हो गया। मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में मौजूद डॉ़ राजेश मिश्रा ने बताया की राम बहादुर के पैर में फैक्चर है जबकि सौनू मामूली रूप से घायल है। दोनों का उपचार किया जा रहा है।